प्रधान महालेखाकार कार्यालय ने बजट नियंत्रक अधिकारियों को 14 अगस्त को निर्धारित समय पर जानकारी प्रस्तुत करने निर्देश
रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ शासन के वित्त एवं विनियोग लेखा को राज्य की वित्तीय स्थिति का समय एवं प्रामाणिक प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज बताते हुए कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), छत्तीसगढ़ ने विभिन्न विभागों के बजट नियंत्रक अधिकारियों को डी.डी.ओ. के बैंक खातों में उपलब्ध अव्ययित राशि की जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रधान महालेखाकार कार्यालय द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक पांच वर्षों के डी.डी.ओ. के बैंक खातों में अव्ययित राशि (Unspent Balance in DDO’s Bank A/c) की जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में राज्य के बजट नियंत्रक अधिकारियों के अधीनस्थ आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के बैंक खातों में उपलब्ध अव्ययित राशि की जानकारी मांगी गई है।
परिपत्र के अनुसार इस विषय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 14 अगस्त 2026 को चार पालियों में महालेखाकार कार्यालय के सभाकक्ष क्रमांक-219 में समीक्षा आयोजित की गई है। संलग्न बीसीओ क्रमांक 1 से 22 के लिए सुबह 10.30 से 11.30 बजे तक, 24 से 47 के लिए दोपहर 12 से 1 बजे तक, 48 से 71 के लिए दोपहर 2 से 3 बजे तक तथा 72 से 96 के लिए दोपहर 3.30 से 4.30 बजे तक समय निर्धारित किया गया है।
प्रधान महालेखाकार कार्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों से निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक जानकारी नियत तिथि एवं समय पर कार्यालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। जारी सूची में सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ भवन, लोक सेवा आयोग, प्रशासन अकादमी, राजभवन, लोक आयोग, गृह विभाग, पुलिस महानिदेशक, जेल, अभियोजन, वित्त विभाग तथा पेंशन एवं भविष्य निधि निदेशालय सहित सभी विभागों के बजट नियंत्रक अधिकारी शामिल हैं। डी.डी.ओ. के बैंक खातों में लंबे समय से उपलब्ध अव्ययित राशि का विवरण संकलित होने से सरकारी धन के उपयोग की स्थिति का आकलन करने, निश्क्रिय पड़ी राशि की पहचान करने तथा वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।
डी.डी.ओ. के बैंक खातों में अव्ययित राशि का ब्यौरा (पीडीफ )

(Bureau Chief, Korba)


