श्रीनगर: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘मैं पहली बार इस जगह का दौरा कर रहा हूं। यह खूबसूरत जगह है।’ धारा 370 हटने के बाद यह किसी अमेरिकी राजदूत का पहला दौरा है।
उन्होंने सीएम उमर अब्दुल्ला से मुलाकात भी की। इसके साथ ही गोर ने कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘नई दिल्ली और स्थानीय सरकार ने इसके लिए बहुत काम किया है। अमेरिका की तरफ से अपने नागरिकों को जारी होने वाली ट्रैवल एडवाइजरी में वह इस बात का ख्याल रखेंगे।’ हालांकि, गोर ने इसे लेकर कोई घोषणा नहीं की।

सीएम अब्दुल्ला ने गोर को कश्मीर सीनरी गिफ्ट की।
धारा 370 हटने के बाद यह पहला अमेरिकी दौरा
राज्य में धारा-370 हटने के बाद किसी भी अमेरिकी राजदूत का यह पहला आधिकारिक दौरा है। हालांकि, इससे पहले 9 जनवरी 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर 15 देशों के सरकारी डेलिगेशन के साथ कश्मीर गए थे।

यह तस्वीर 9 जनवरी 2020 की है। तत्कालीन अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर डेलिगेशन के साथ श्रीनगर आए थे।
उमर बोले- राज्य को लेकर बातचीत का मौका मिला
उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘हमारी बैठक बहुत अच्छी रही। हमें दोनों देशों के बीच संबंधों पर चर्चा करने का मौका मिला, लेकिन विशेष रूप से इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया कि अमेरिका जम्मू और कश्मीर के मामले में क्या कर सकता है। कुछ पुराने मुद्दे हैं जिन्हें हम समय के साथ सुलझाने का प्रयास करेंगे।’
अमेरिका की अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी
- 1989 के बाद: घाटी में अशांति शुरू होने के बाद से लेवल-4 यानी यात्रा न करें, चेतावनी जारी की। इसे समय-समय पर अपडेट किया जाता है।
- मार्च 2019: जम्मू-कश्मीर न जाने की सलाह दी थी।
- जुलाई 2024: जम्मू-कश्मीर को कड़े ‘लेवल 4’ प्रतिबंधों के तहत बनाए रखा गया।
- अप्रैल 2025: पहलगाम हमले के एक दिन बाद ‘लेवल 4: डू नॉट ट्रैवल’ एडवाइजरी को और सख्ती के साथ अपडेट किया।

(Bureau Chief, Korba)






