संभावित फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए अधिकारियों एवं चिकित्सकों के कथन दर्ज किए जाएंगे
कोरबा (BCC NEWS 24): कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरबा श्री कुणाल दुदावत ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत जनहानि के प्रकरणों में आर्थिक अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं तथ्यपरक बनाने तथा संभावित फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों के कथन दर्ज किए जाने के निर्देश दिए हैं। निर्देश के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत होने वाली जनहानि की सूचना संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार, पटवारी अथवा कोटवार के माध्यम से दी जाएगी। सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मृत्यु प्राकृतिक आपदा के कारण हुई है अथवा नहीं।
जनहानि से संबंधित प्रकरणों में संबंधित थाने के विवेचक एवं शव परीक्षणकर्ता चिकित्सक को संबंधित राजस्व न्यायालय में बुलाकर उनके कथन दर्ज किए जाएंगे। कथन दर्ज होने के पश्चात ही प्रकरण को विधिवत अनुशंसा सहित प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आर्थिक अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया में आवश्यक तथ्य एवं साक्ष्य स्पष्ट रूप से उपलब्ध रहें। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राप्त जनहानि प्रकरणों में निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि जनहानि के प्रकरणों में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही, अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा संभावित फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे, इसके लिए सभी स्तरों पर आवश्यक सावधानी बरती जाए।

(Bureau Chief, Korba)





