रायपुर : आधुनिक प्रबंधन से बढ़ेगा राज्य में मछली उत्पादन

            छत्तीसगढ़ में मत्स्य पालन को नई दिशा देने आईसीएआर-सीआईएफआरआई और मत्स्य विभाग की संयुक्त कार्यशाला संपन्न

            रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ के समृद्ध जल संसाधनों और जलाशयों में केज कल्चर (पिंजरा पालन) के माध्यम से मछली उत्पादन की विशाल संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मत्स्य पालन विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा आईसीएआर-सीआईएफआरआई बैरकपुर (कोलकाता) के सहयोग से रायपुर स्थित मत्स्य पालन विभाग कार्यालय में दो दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य तालाबों और केज कल्चर में मछली पालन कर रहे किसानों को मछलियों में होने वाली बीमारियों की त्वरित पहचान (रियल-टाइम डायग्नोस्टिक्स) और उनके प्रभावी बचाव व इलाज के आधुनिक तरीकों से अवगत कराना था।

             आधुनिक प्रबंधन से बढ़ेगा राज्य में मछली उत्पादन

            वैज्ञानिकों द्वारा दी गई तकनीकी मार्गदर्शन

            कार्यशाला में आईसीएआर-सीआईएफआरआई के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. असित कुमार बेरा तथा श्रीमती सोहिनी चटर्जी ने विस्तृत व्याख्यान दिए। उन्होंने किसानों को केज कल्चर और तालाबों में होने वाली बीमारियों के लक्षण, रोकथाम तथा उनके वैज्ञानिक उपचार की बारीकियों से अवगत कराया।

            किसानों और अधिकारियों की व्यापक सहभागिता

            इस दो दिवसीय आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 50-60 केज कल्चर किसान और 50-60 पारंपरिक (तालाब) मत्स्य पालक शामिल हुए। इसके साथ ही विभिन्न जिलों के मत्स्य अधिकारियों ने भी कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी निभाई।

            भविष्य की रणनीतियों पर मंथन

            कार्यशाला में चर्चा के दौरान राज्य में मत्स्य पालन के बेहतर प्रबंधन के लिए कई महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं की पहचान की गई। फील्ड लेवल जांच, खेत और जलस्रोतों के स्तर पर ही बीमारियों की त्वरित पहचान करने की दिशा में भी चर्चा की गई।
            प्रशिक्षण एवं डेटाबेस मैदानी कर्मचारियों को रोग रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण देना तथा भविष्य के प्रबंधन हेतु जलाशयों व मछलियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डेटाबेस तैयार करने की जानकारी दी गई। 

            जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बढ़ाया उत्साह

            कार्यक्रम के दौरान अतिथियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए इस प्रकार के एकीकृत प्रबंधन को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में श्री एन.एस. नाग संचालक, मत्स्य पालन, छत्तीसगढ़, श्री आनंद निषाद अध्यक्ष, मछुआ कल्याण बोर्ड, डॉ. लखन लाल धीवर उपाध्यक्ष, मछुआ कल्याण बोर्ड, सुश्री बीना गड़पाले (उप-संचालक, मत्स्य पालन प्रशिक्षण संस्थान), तथा श्री विकास कुमार साहू सहायक मत्स्य अधिकारी, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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