रायपुर (BCC NEWS 24): जब किसी व्यक्ति अपने सपने को साकार करने के लिये रात-दिन मेहनत और संघर्ष में डूबे होते हैं, ऐसे में उनके सपना को साकार करने का जिम्मा सरकार या शासन को योजनाएं पूरी करती है तब उस योजनाओं के बारे में वह अपने तक नहीं रखते हैं, बल्कि उनके जैसे आस-पड़ोस में रहने वाले एव जरूरतमन्द परिवारों को भी बताने से नहीं चूकते। एक ऐसी योजना ने सलका निवासी गुलाबमनी के जीवन में बदलाव और सपने को साकार करने में प्रधानमंत्री आवास योजना ने महती भूमिका निभाया एक कठिन जीवन संघर्ष के दौरान जब उन्हे हर तरफ से बेसहारा होने का खतरा हुआ ठीक उसी समय उन्हे अपने जीवन में स्वयं का आषियाना मिल गया। उनकी बेहद कठिन परिस्थितियों मेें प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हे नए सिरे से जीवन की शुरूआत करने का अवसर प्रदान कर दिया है। अब गुलाबमनी नई उमंग के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने लगी हैं।
कठिन जीवन संघर्ष
दूसरे के खेतों में परिश्रम करके जीवन यापन करने वाले श्री धरम मारन की पुत्री गुलाबमनी की प्राथमिक शिक्षा उनके गांव में हुई और उनका विवाह हुआ। ससुराल पक्ष में अनबन होने से वह बेहद कठिन दौर में आ गई जब ससुराल पक्ष से उनका पूरी तरह से अलगाव हो गया। एक परित्यक्त जीवन में जूझ रही गुलाबमनी को ऐसे कठिन समय में उनकी बहन ने अपने घर पर रखा और उनका हौसला बनाए रखा। ग्राम पंचायत सलका में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हे गत वर्ष पक्के मकान की स्वीकृति प्राप्त हुई। कठिन समय में अपना एक मकान होना उनके लिए सबसे बड़ा संबल बन गया।
प्रधानमंत्री आवास बना सहारा
गुलाबमनी जब परिवार के साथ कठिन दौर से गुजर रही थीं तो उनके पास अपनी छत का ना होना सबसे बड़ी समस्या थी। ऐसे में फिर प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके लिए ऐसा कार्य कर दिया जिसे इन्होने सपने में भी नहीं सोचा था। विगत वित्तीय वर्ष में गुलाबमनी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित किया गया। आवास योजना के तहत मिली आर्थिक मदद से उन्होंने परिश्रम से अपना एक सुंदर आषियाना बनाया और अब उनके पास खुद का मकान है। यही उनका सबसे बड़ा सहारा भी बन गया है।
सामाजिक पहचान है आवास
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्षी पहल, और साकारात्मक निर्णय ने सेवा संकल्प का जो गुलाबमनी के जीवन में बदलाव दिखा वह एक मिसाल है। गुलाबमनी कहती हैं कि जब ससुराल से अलगाव हुआ तो उनके सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास से मिले पक्के मकान से अब उनकी सामाजिक पहचान बनी है। उनका खुद का अपना मकान होना समाज में गर्व से जीने का एक माध्यम भी बन गया है।

(Bureau Chief, Korba)







