रायपुर : दिव्यांग सहायता योजना से संकट की घड़ी में मिला संबल, बच्चों का भविष्य संवारने में जुटीं रोशनी

        पति के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहीं रोशनी को मिली एक लाख रुपए की सहायता

        रायपुर (BCC NEWS 24): जीवन में अचानक आई कठिन परिस्थितियों के बीच शासन से मिली आर्थिक सहायता ने नगर पालिका परिषद गौरेला निवासी श्रीमती रोशनी रोहनी को अपने बच्चों के भविष्य को संवारने का संबल दिया है। पति के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। ऐसे मुश्किल समय में श्रम विभाग की दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत मिली एक लाख रुपए की सहायता राशि ने परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान किया।

        श्रीमती रोशनी रोहनी के पति श्रम विभाग में निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत थे। उनके आकस्मिक निधन के बाद परिवार के सामने आजीविका के साथ बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की चिंता भी खड़ी हो गई। इस कठिन परिस्थिति में योजना के तहत एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिलने से परिवार को तत्काल जरूरतों को पूरा करने और आगे की व्यवस्था बनाने में मदद मिली।

        श्रीमती रोशनी के लिए यह सहायता बच्चों की शिक्षा को निरंतर जारी रखने का माध्यम भी बनी है। वे प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनके बेहतर भविष्य के लिए कर रही हैं। परिस्थितियां कठिन होने के बावजूद उनका प्रयास है कि आर्थिक परेशानी बच्चों की शिक्षा और उनके सपनों की राह में बाधा न बने।

        श्रीमती रोशनी का कहना है कि पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां अचानक बढ़ गई थीं। ऐसे समय में मिली आर्थिक सहायता से उन्हें बच्चों की शिक्षा की चिंता कुछ कम करने में मदद मिली। अब वे बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही हैं।

        योजना का लाभ मिलने पर श्रीमती रोशनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण संबल बनी है। इससे उन्हें बच्चों की पढ़ाई जारी रखने और भविष्य की ओर आगे बढ़ने का हौसला मिला है श्रमिक परिवारों के जीवन में आकस्मिक परिस्थितियां कई बार गंभीर आर्थिक चुनौतियां खड़ी कर देती हैं। ऐसे समय में मिलने वाली आर्थिक सहायता परिवार की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को जारी रखने में भी सहायक होती है। श्रीमती रोशनी की कहानी इसी सहायता से कठिन परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ने के प्रयास को दर्शाती है।



                Hot this week

                Related Articles

                Popular Categories