मातृ वंदना और महतारी वंदन योजना की राशि से बेटियों के पोषण, शिक्षा और बचत को दे रहीं प्राथमिकता
रायपुर (BCC NEWS 24): शासकीय योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी बन सकती है। दुर्ग जिले के रुआबांधा, भिलाई की एक मां ने योजनाओं से मिली सहायता को अपनी दोनों बेटियों के पोषण, शिक्षा और भविष्य की बचत से जोड़कर इसकी सार्थक मिसाल पेश की है। पहली बेटी के जन्म पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उन्हें 5 हजार रुपए की सहायता राशि मिली, जिसका उपयोग उन्होंने बेटी के पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में किया। दूसरी बेटी के जन्म पर योजना के अंतर्गत प्राप्त 6 हजार रुपए की सहायता राशि भी उसकी बेहतर देखभाल और पोषण में उपयोग की गई।
महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए नियमित बचत करने में भी मदद की है। वे इस राशि से अपनी बड़ी बेटी की कोचिंग फीस का भुगतान करती हैं, ताकि उसकी पढ़ाई बेहतर तरीके से जारी रह सके। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र के सहयोग से उन्होंने बेटी का सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाया है, जिसमें वे हर महीने नियमित रूप से राशि जमा कर रही हैं।
शासकीय योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता ने परिवार को संबल देने के साथ उन्हें बेटियों की जरूरतों को पूरा करने और भविष्य के लिए योजनाबद्ध तरीके से बचत करने का अवसर दिया है। आज वे अपनी बेटियों की शिक्षा, पोषण और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं से मिलने वाली सहायता का सही उपयोग महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ बेटियों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने में भी मददगार है। उनकी कहानी बताती है कि मातृ एवं महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ जब शिक्षा, पोषण और बचत से जुड़ता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार के भविष्य पर दिखाई देता है।

(Bureau Chief, Korba)






