रायपुर (BCC NEWS 24): राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आज आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ अपने गांव और आसपास के ग्रामीणों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्राम बालेंगा निवासी श्रीमती सनीता सलाम ऐेसी ही महिला हैं, जिन्होंने बिहान के पूजा स्व सहायता समूह से जुड़कर वर्ष 2018 से बैंकिंग सखी (बीसी सखी) के रूप में कार्य करते हुए ग्रामीणों के लिए बैंकिंग सेवाओं को आसान बनाया है।
सनीता द्वारा ग्राम बालेंगा, किबड़ा और हरवेल सहित आसपास के ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वे विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को राशि आहरण में सहायता करने के साथ ही पेंशन, बीमा एवं अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करती हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक तक आने-जाने की परेशानी से राहत मिल रही है। विशेष रूप से वृद्धजनों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो रही है।
बीसी सखी के रूप में कार्य करते हुए सनीता को प्रतिमाह लगभग 8 से 10 हजार रुपए की आय प्राप्त हो रही है। इस आमदनी से उन्होंने अपनी स्कूटी खरीदी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में उन्हें और सुविधा मिली है। साथ ही उनकी आय से बच्चों की पढ़ाई में भी आर्थिक सहायता मिल रही है। सनीता बताती हैं कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला। बीसी सखी के रूप में कार्य करते हुए वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही अपने क्षेत्र के ग्रामीणों को घर के नजदीक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने में योगदान दे रही हैं। इस तरह बिहान के माध्यम से सनीता जैसी ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के अवसर मिलने के साथ-साथ वे अपने समुदाय के लिए सेवा और आर्थिक सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण कड़ी भी बन रही हैं।

(Bureau Chief, Korba)







