राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अम्बिकापुर में आयोजित शिविर में रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की स्वास्थ्य जांच
कटे-फटे होंठ के 18, तालू के 12, क्लब फुट के 10 और जलने से संबंधित समस्याओं के 8 मरीज चिन्हांकित
रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल में होगी आवश्यक सर्जरी, मरीजों के आने-जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग करेगा परिवहन की व्यवस्था
दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर मिला विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श, शिविर में भोजन और परिवहन की भी रही सुविधा
रायपुर (BCC NEWS 24): जन्मजात विकारों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे सरगुजा जिले के 48 जरूरतमंद मरीजों के लिए सेवा संकल्प अभियान नई उम्मीद लेकर आया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके/चिरायु) के अंतर्गत अम्बिकापुर में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं सर्जरी चिन्हांकन शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इन मरीजों की जांच कर आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित किया है। इनमें जन्मजात कटे-फटे होंठ, तालू, क्लब फुट और जलने से संबंधित समस्याओं से प्रभावित मरीज शामिल हैं। चिन्हांकित मरीजों को रायपुर स्थित कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल में आवश्यक उपचार एवं सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना के साथ स्वास्थ्य विभाग सरगुजा द्वारा शनिवार को अम्बिकापुर स्थित 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं सर्जरी चिन्हांकन शिविर आयोजित किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरुता के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में रायपुर के कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर का आयोजन जिला स्वास्थ्य विभाग सरगुजा और कालड़ा हॉस्पिटल के सहयोग से किया गया।
चार प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित 48 मरीज चिन्हांकित
शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जिले के विभिन्न विकासखंडों से पहुंचे बच्चों एवं अन्य जरूरतमंद मरीजों का परीक्षण किया गया। इनमें जलने से संबंधित समस्याओं के 8, जन्मजात कटे-फटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) के 18, कटे-फटे तालू (क्लेफ्ट पैलेट) के 12 तथा क्लब फुट के 10 मरीज शामिल हैं।
इस प्रकार कुल 48 मरीजों को आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद चिन्हांकित मरीजों की आवश्यक सर्जरी रायपुर स्थित कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल में कराए जाने के संबंध में सहमति प्राप्त की गई है।
शिविर का उद्देश्य जन्मजात विकारों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित बच्चों एवं मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जोड़ना है। इससे विशेष रूप से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को उपचार प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
चिरायु दलों ने ग्रामीण क्षेत्रों में की मरीजों की पहचान, विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचाया
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों में कार्यरत चिरायु दलों द्वारा पूर्व में चिन्हांकित बच्चों एवं अन्य जरूरतमंद मरीजों को शिविर में लाया गया।
चिरायु दलों के माध्यम से बच्चों में जन्मजात विकारों, विभिन्न बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकासात्मक समस्याओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार से जोड़ने का कार्य किया जाता है।
इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं अम्बिकापुर में उपलब्ध होने से मरीजों को प्रारंभिक परीक्षण और उपचार संबंधी परामर्श के लिए रायपुर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। परीक्षण के बाद आवश्यक सर्जरी के लिए मरीजों को चिन्हांकित किया गया है।
समय पर उपचार से बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य में आएगा सुधार
शिविर में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध होने से मरीजों को अपनी स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और उचित उपचार के संबंध में मार्गदर्शन मिलता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों में जन्मजात विकारों का समय पर उपचार उनके बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में जन्मजात विकारों, बीमारियों और विकास संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान कर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। विकासखंड स्तर पर कार्यरत चिरायु दल बच्चों को चिन्हांकित कर विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरतमंद बच्चों एवं मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शिविर में चिन्हांकित मरीजों को आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ उपचार और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल की गई है।
जन्मजात विकारों और जलने से संबंधित समस्याओं का समय पर उपचार जरूरी
कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ. दीपक ठाकुर ने शिविर में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि जन्मजात कटे-फटे होंठ, कटे-फटे तालू, क्लब फुट तथा जलने से संबंधित समस्याओं का समय पर उपचार मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक उपचार और सर्जरी के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
मरीजों के आने-जाने से लेकर भोजन तक की व्यवस्था, सर्जरी के लिए रायपुर पहुंचाने में भी मिलेगा सहयोग
शिविर में दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकासखंड स्तर से शिविर स्थल तक मरीजों और उनके परिजनों को लाने-ले जाने के लिए परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
इसके साथ ही शिविर स्थल पर मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए भोजन और नाश्ते की व्यवस्था भी की गई, ताकि स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हांकित मरीजों को आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए रायपुर स्थित कालड़ा हॉस्पिटल तक पहुंचाने हेतु भी परिवहन व्यवस्था की जाएगी। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को उपचार प्राप्त करने में सुविधा होगी।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञ चिकित्सकों की रही सक्रिय भागीदारी
शिविर में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम, संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या, सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विमलचंद पैकरा, प्रोफेसर डॉ. अविनाशी कुजूर, डॉ. अभिजीत दीवान, नोडल नर्सिंग डॉ. पी.के. सिन्हा, नोडल आरबीएसके डॉ. के.पी. विश्वकर्मा, डॉ. श्रीकांत चौहान, डॉ. दीपक गुप्ता, श्री कमल नारायण तथा कालड़ा हॉस्पिटल के कोऑर्डिनेटर श्री जितेंद्र साहू सहित विशेषज्ञ चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं चिरायु दलों के सदस्य उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प अभियान से जरूरतमंदों को विशेषज्ञ उपचार से जोड़ने की पहल
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात विकारों, विभिन्न बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकासात्मक समस्याओं की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने का कार्य किया जाता है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत अम्बिकापुर में आयोजित यह शिविर इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। शिविर के माध्यम से 48 मरीजों की स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार एवं आवश्यक सर्जरी के लिए चिन्हांकित किया गया है।
इस पहल से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं तक पहुंचने में सहायता मिलेगी। साथ ही समय पर उपचार के माध्यम से प्रभावित बच्चों और अन्य मरीजों के स्वास्थ्य एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का अवसर मिलेगा।

(Bureau Chief, Korba)







