1.80 लाख रुपये के ऋण से खरीदें तीन गायें, दूध बेचकर परिवार को दे रहीं आर्थिक संबल
ग्रामीण महिला की आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
रायपुर (BCC NEWS 24): मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम चौनपुर निवासी चंपा देवी कुशवाहा के लिए पशुपालन अब परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ आमदनी का जरिया भी बन गया है। कभी एक गाय से घर की दूध की जरूरतें पूरी करने वाली चंपा देवी आज चार गायों के सहारे पशुपालन व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं। छत्तीसगढ़ महिला कोष सक्षम योजना से मिले 1 लाख 80 हजार रुपये के ऋण ने उनके इस प्रयास को नई दिशा दी है। अब वह आसपास के घरों में दूध बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई उनकी यह कहानी बताती है कि शासकीय योजनाओं का लाभ और स्वयं की मेहनत किस तरह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर ले जा सकती है।
एक गाय से शुरू हुआ सफर, आर्थिक मदद से बढ़ा कारोबार
ग्राम चौनपुर निवासी चंपा देवी, पति अजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि पहले उनके पास केवल एक गाय थी। उससे मिलने वाला दूध परिवार के उपयोग में ही आ जाता था। पशुपालन को आय का साधन बनाने की इच्छा तो थी, लेकिन पूंजी की कमी के कारण वह अतिरिक्त गायें नहीं खरीद पा रही थीं। फरवरी 2026 में महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित छत्तीसगढ़ महिला कोष सक्षम योजना के तहत उन्हें 1 लाख 80 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस राशि से उन्होंने तीन और गायें खरीदीं और पशुपालन व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में उनके पास चार गायें और दो बछिया हैं।
दूध की बिक्री से बढ़ी आमदनी, परिवार को मिली राहत
चंपा देवी के अनुसार गायों की संख्या बढ़ने से दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां दूध केवल घरेलू उपयोग तक सीमित था, वहीं अब परिवार की जरूरतें पूरी करने के बाद बचा दूध आसपास के घरों में बेच रही हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होने लगी है। पशुपालन से मिलने वाली आय परिवार के दैनिक खर्चों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि व्यवसाय बढ़ने से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। अब वह स्वयं आय अर्जित कर घरेलू जिम्मेदारियों में सहयोग कर रही हैं। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। चंपा देवी भविष्य में पशुपालन व्यवसाय को और आगे बढ़ाना चाहती हैं।
सक्षम योजना ने दिखाई आत्मनिर्भरता की राह
छत्तीसगढ़ महिला कोष सक्षम योजना चंपा देवी के लिए आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम बनी है। योजना से मिले ऋण का उपयोग उन्होंने आय बढ़ाने वाले कार्य में किया। इससे न केवल पशुपालन व्यवसाय का विस्तार हुआ, बल्कि परिवार के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी तैयार हुआ। सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई चंपा देवी की कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरक उदाहरण है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि आर्थिक सहायता का सही उपयोग कर छोटे स्तर पर शुरू किए गए व्यवसाय को भी आजीविका के बेहतर साधन में बदला जा सकता है।
चंपा देवी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
चंपा देवी ने छत्तीसगढ़ महिला कोष सक्षम योजना के तहत मिली सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ऋण मिलने से तीन अतिरिक्त गायें खरीदना संभव हो सका। इससे दूध उत्पादन बढ़ा और बिक्री से अतिरिक्त आय मिलने लगी है। चंपा देवी की कहानी में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पहले पशुपालन केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित था, जबकि अब यही कार्य परिवार की आमदनी का सहारा बन रहा है। एक गाय से चार गायों तक पहुंचा उनका सफर ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों की मिसाल है।

(Bureau Chief, Korba)







