रायपुर : सेवा संकल्प अभियान 2026 : सेवा की कहानी : उज्ज्वला योजना से धुएं की परेशानी हुई दूर, अब समय पर बच्चों के लिए खाना बनाकर स्कूल भेज पा रहीं अंजू

            लकड़ी के चूल्हे से मिली राहत, स्वच्छ रसोई और समय की बचत ने आसान बनाया जीवन

            जशपुर जिले में 1.54 लाख से अधिक महिलाओं को मिला प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ

            रायपुर (BCC NEWS 24): कभी लकड़ी के चूल्हे से उठता धुआं, आंखों में जलन और खाना बनाने में लगने वाला अधिक समय ग्रामीण महिलाओं की रोजमर्रा की परेशानियों का हिस्सा था। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने ऐसी अनेक महिलाओं की रसोई में सकारात्मक बदलाव लाया है। जशपुर जिले की श्रीमती अंजू निराली तिर्की भी इन्हीं हितग्राहियों में शामिल हैं। योजना के तहत एलपीजी गैस कनेक्शन मिलने से उन्हें धुएं की परेशानी से राहत मिली है। अब वे बच्चों के लिए समय पर भोजन तैयार कर उन्हें स्कूल भेज पा रही हैं और परिवार की देखभाल के लिए भी अधिक समय निकाल रही हैं।

            प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से पात्र परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ रसोई ईंधन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है। जशपुर जिले में अब तक 1 लाख 54 हजार से अधिक महिलाओं को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ मिल चुका है।

            ’पहले धुएं से भर जाती थी रसोई, खाना बनाने में लगता था अधिक समय’

            जशपुर जिले की ग्राम पंचायत देवीडड़ निवासी श्रीमती अंजू निराली तिर्की बताती हैं कि पहले उन्हें लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ता था। चूल्हे से निकलने वाले धुएं के कारण आंखों में जलन होती थी और कई बार सांस लेने में भी परेशानी होती थी। लकड़ी जलाकर भोजन तैयार करने में अधिक समय लगने से बच्चों के लिए समय पर खाना बनाना भी मुश्किल हो जाता था। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने के बाद उनकी दिनचर्या में बदलाव आया है। अब गैस चूल्हे पर भोजन जल्दी तैयार हो जाता है। इससे बच्चों को समय पर खाना खिलाकर स्कूल भेजने में सुविधा हो रही है। रसोई में लकड़ी के चूल्हे का धुआं नहीं होने से साफ-सफाई बनाए रखना भी आसान हो गया है।

            ’“अब बच्चों के लिए समय पर खाना बनाकर स्कूल भेज पाती हूं”’

            श्रीमती अंजू निराली तिर्की अपनी खुशी साझा करते हुए बताती हैं, “पहले लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ता था। धुएं से आंखों में जलन होती थी और सांस लेने में भी परेशानी होती थी। खाना बनाने में बहुत समय लगता था। उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर मिलने के बाद अब धुएं की परेशानी से राहत मिली है। मैं बच्चों के लिए समय पर खाना बनाकर उन्हें स्कूल भेज पाती हूं। मेरी रसोई भी अब साफ-सुथरी रहती है।” अंजू के लिए गैस कनेक्शन केवल खाना बनाने की सुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में राहत का माध्यम बना है। पहले भोजन तैयार करने में लगने वाला अतिरिक्त समय अब बच रहा है, जिसका उपयोग वे परिवार और बच्चों की देखभाल तथा अन्य घरेलू कार्यों में कर पा रही हैं।

            ’स्वच्छ ईंधन से महिलाओं के स्वास्थ्य और समय की सुरक्षा’

            प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पात्र परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध कराना है। पारंपरिक लकड़ी के चूल्हे की तुलना में एलपीजी के उपयोग से रसोई में धुएं का संपर्क कम होता है। इससे महिलाओं को धुएं के कारण होने वाली परेशानियों से राहत मिलने के साथ भोजन तैयार करने में सुविधा होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को पहले खाना बनाने के लिए लकड़ी जुटाने और चूल्हा जलाने में भी समय लगाना पड़ता था। गैस चूल्हे की सुविधा मिलने से इस श्रम और समय में कमी आती है। इससे महिलाओं को अपने परिवार की जरूरतों और अन्य गतिविधियों के लिए अधिक समय मिल सकता है।

            ’जशपुर की 1.54 लाख से अधिक महिलाओं की रसोई तक पहुंची उज्ज्वला की सुविधा’

            जशपुर जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1 लाख 54 हजार से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। योजना के माध्यम से स्वच्छ ईंधन की सुविधा ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रही है। अंजू निराली तिर्की जैसी हितग्राहियों के अनुभव बताते हैं कि रसोई में मिलने वाली एक सुविधा भी महिलाओं के दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। श्रीमती अंजू निराली तिर्की ने योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

            अंजू की कहानी बताती है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ केवल गैस कनेक्शन मिलने तक सीमित नहीं है। धुएं की परेशानी से राहत, खाना बनाने में समय की बचत, स्वच्छ रसोई और बच्चों की बेहतर देखभाल जैसी सुविधाओं ने उनके जीवन को पहले से अधिक सहज बनाया है। अब उनकी रसोई में धुएं की जगह सुविधा है और बच्चों को समय पर भोजन कराकर स्कूल भेज पाने की संतुष्टि भी।


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