रायपुर : अर्नब तूफान से प्रभावित किसानों को राहत देने सक्रिय हुआ प्रशासन, फसल क्षति का सर्वे शुरू

            मुख्यमंत्री के सुशासन संकल्प के अनुरूप प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने जिला प्रशासन की त्वरित पहल

            बेमेतरा में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमें खेतों में पहुंचकर कर रहीं फसल क्षति का आकलन

            कलेक्टर ने RBC 6(4) के तहत पात्र किसानों को राहत राशि देने के निर्देश दिए

            रायपुर (BCC NEWS 24): प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बेमेतरा जिले में अर्नब तूफान के प्रभाव से खरीफ फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमों ने सर्वे शुरू कर दिया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6(4) के प्रावधानों के तहत फसल क्षति का सर्वे कर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

            अर्नब तूफान के प्रभाव से बेमेतरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खेतों में खड़ी खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने राजस्व एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से सर्वे कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देश के बाद संयुक्त दल गांवों में पहुंचकर खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारी फसलों की स्थिति का जायजा लेकर क्षति का आकलन कर रहे हैं, ताकि प्रभावित किसानों की पहचान कर नियमानुसार राहत की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

            प्रभावित किसान राजस्व एवं कृषि अधिकारियों को दें जानकारी

            जिला प्रशासन ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि जिनकी खरीफ फसलों को अर्नब तूफान के कारण नुकसान पहुंचा है, वे इसकी जानकारी तत्काल अपने क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक (RI) अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) को दें। इससे सर्वे दल समय पर संबंधित खेतों तक पहुंचकर फसल क्षति का आकलन कर सकेगा।

            सर्वे कार्य पूर्ण होने और पात्रता निर्धारित किए जाने के बाद शासन के नियमानुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6(4) के तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में राहत राशि अंतरित की जाएगी। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को सर्वे कार्य गंभीरता और तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।


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