11 मजदूरों को ठेकेदार ने बनाया बंधक… न पैसे दे रहा और न घर जाने दे रहा,चंगुल से भागकर आए युवक ने बताई आपबीती

          जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में बस्तर के 11 मजदूरों को बंधक बना लिया गया है। इनमें से बस्तर जिले के 5 और बीजापुर जिले के 6 मजदूर शामिल हैं। बंधक बनाए गए मजदूरों से उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए हैं। साथ ही उनकी पिटाई भी की जा रही है। न तो उन्हें खाना दिया जा रहा है और न ही पैसे दिए जा रहे हैं। घर आने की कहते तो ठेकेदार उन्हें प्रताड़ित करने लगता है। दरअसल, ठेकेदार के चंगुल से भागकर आए एक मजदूर ने आपबीती बताई है। ठेकेदार के चंगुल से साथियों को छुड़वाने के लिए कलेक्टर से गुहार लगाई है।

          मजदूर का नाम सुखराम कमेटे है, जो बस्तर जिले का रहने वाला है। इसने बताया कि, कुछ दिन पहले बस्तर और बीजापुर जिले के 11 से ज्यादा ग्रामीण मजदूरी का काम करने के लिए आंध्र प्रदेश जा रहे थे। भद्राचलम में उन्हें एक एजेंट मिला। जो सभी को गुमराह कर अपने साथ विजयानगरम में एक ठेकेदार के पास लाया। फिर उन्हें वहीं छोड़कर खुद कहीं चला गया। ठेकेदार एक बिल्डिंग बनाने के काम में सभी मजदूरों को लगा रखा था। दिनभर काम करवाता था। समय से न तो खाना मिलता था और न ही पैसे दिए जा रहे थे।

          सुखराम ने बताया, एक दिन रात के अंधेरे में मैं किसी तरह वहां से भाग निकला। जंगल के रास्ते होते हुए शहर तक आया।

          घर जाने कहा तो बनाया बंधक

          फिर एक दिन सभी मजदूर काम छोड़कर घर लौटने का इरादा बनाए। ठेकेदार से मजदूरी मांगी और घर जाने की बात कही गई। लेकिन ठेकेदार ने घर जाने से मना कर दिया। सभी मजदूरों से उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए। मजदूरों को बंधक बना लिया गया। डेरा से किसी को भी बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। सुखराम ने बताया कि, हम सभी में से किसी एक का बाहर निकलना जरूरी था। ताकि इस मामले की जानकारी घर वालों को दी जा सके। जिसके बाद सभी ने प्लान किया और मुझे बाहर भेजने की योजना बनाई।

          कलेक्टर से गुहार लगाई गई है

          सुखराम ने बताया कि, एक दिन रात के अंधेरे में मैं किसी तरह वहां से भाग निकला। जंगल के रास्ते होते हुए शहर तक आया। फिर लिफ्ट मांगकर भद्राचलम तक पहुंचा। जिसके बाद वहां से फिर अपने घर बस्तर आकर घर वालों को पूरी जानकारी दी। अब गांव के ग्रामीणों के साथ मिलकर बाकि लोगों को ठेकेदार के चंगुल से छुड़वाने कलेक्टर से गुहार लगाई है। इधर, अफसरों का कहना है कि, जल्द ही एक टीम बनाकर विजयानगरम भेजी जाएगी। बंधक बनाए गए मजदूरों को छुड़वाया जाएगा।

          पहले भी आ चुके हैं इस तरह के मामले

          बस्तर से पलायन कर अन्य राज्य में मजदूरी करने गए मजदूरों को बंधक बनाए जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। कुछ महीने पहले तमिलनाडु में बंधक बनाए गए मजदूरों को प्रशासन की एक टीम ने छुड़वाकर लाया था। इसके अलावा हैदराबाद में भी एक प्राइवेट कंपनी में बस्तर के 24 मजदूरों को बंधक बनाया गया था उन्हें भी प्रशासन की टीम ने छुड़ाकर लाया था।



                    Hot this week

                    रायपुर : ‘पावस प्रसंग’ में शास्त्रीय नृत्य-संगीत से सजी सांस्कृतिक संध्या

                    शास्त्रीय गायन, भरतनाट्यम और कथक की मनोहारी प्रस्तुतियों ने...

                    रायपुर : अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम से बदल रही सार्वजनिक वितरण प्रणाली की तस्वीर

                    24 घंटे राशन की सुविधा, आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण...

                    बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ देश का पहला 21 CuM इलेक्ट्रिक शॉवेल

                    एसईसीएल के गेवरा परियोजना में किया शुभारंभबिलासपुर (BCC NEWS...

                    Related Articles

                    Popular Categories