छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश, मकानों पर गिरे पेड़… फसल बर्बाद, कैंप की छत गिरी, 4 जवान घायल; 80 से ज्यादा गांवों की बिजली गुल

        जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर में बारिश ने तबाही मचाई है। बारिश के साथ आए अंधड़ ने CRPF कैंप के बैरक को भी तहस-नहस कर दिया है। हादसे में 4 जवान घायल हुए हैं। बस्तर, बीजापुर समेत अन्य कुछ जिलों में जमकर ओलावृष्टि हुई है। जिससे सैकड़ों किसानों की फसलें बर्बाद हुई है। दंतेवाड़ा में 10 से ज्यादा घरों के ऊपर पेड़ गिरे हैं। कई घरों की छत टूटी है। बिजली के पोल गिरने से करीब 80 से ज्यादा गांवों में बिजली गुल है। बारिश के साथ आए अंधड़ ने CRPF कैंप के बैरक को भी तहस-नहस कर दिया है। बारिश से करोड़ों रुपए का नुकसान है।

        बस्तर जिले के अलग-अलग इलाकों में झामझम बारिश के साथ बर्फबारी हुई है। जिससे लगभग 500 एकड़ में लगाई गई मक्का, गेहूं समेत अन्य मौसमी सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है। जिससे किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। इधर , जिला प्रशासन के अफसर मौके पर जाकर फसलों के नुकसान का आंकलन करने की बात कह रहे हैं। बारिश के चलते संग्रहण केंद्रों में धान का उठाव भी नहीं हो पाया है। कई क्विंटल धान के बोरे भी भीग गए हैं।

        कई घरों की छ्त पर पेड़ गिर गए। सामान टूटकर ऐसे पड़े रहे।

        कई घरों की छ्त पर पेड़ गिर गए। सामान टूटकर ऐसे पड़े रहे।

        कई परिवार बेघर

        दंतेवाड़ा में बारिश के साथ आए अंधड़ ने जमकर तबाही मचाई है। गीदम के माधव पारा में करीब 10 से ज्यादा मकानों पर पेड़ गिरे हैं। हालंकि, कोई जनहानि नहीं हुई है। इस हादसे से कई परिवार बेघर हो गए हैं। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। जिले के किरंदुल और कुआकोंडा के बीच भी 33 केबी लाइन में खराबी आ गई है। जिससे कुआकोंडा इलाके के करीब 80 से ज्यादा गांव में बिजली गुल हो गई है।

        CRPF 231 बटालियन में बैरक की छत टूट कर नीचे गिर गई।

        CRPF 231 बटालियन में बैरक की छत टूट कर नीचे गिर गई।

        CRPF के 4 जवान हुए घायल

        इसके साथ ही जावंगा में स्थित CRPF 231 बटालियन में बैरक की छत टूट कर नीचे गिर गई। इस हादसे में बैरक के अंदर मौजूद 4 जवान घायल हुए हैं। जिन्हें दंतेवाड़ा के जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि, एक जवान के कंधे में ज्यादा चोट आई है। कैंप के अन्य जवान मौके के लिए व्यवस्था सुधारने में लगे हुए हैं।

        किसानों की फसल बर्बाद हो गई।

        किसानों की फसल बर्बाद हो गई।

        जानिए क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

        मौसम वैज्ञानिक एपी चंद्रा ने बताया ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी राजस्थान और उससे लगे पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। दूसरा चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक द्रोणिका पूर्वी राजस्थान और उससे लगे पश्चिम मध्य प्रदेश से उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।

        एपी चंद्रा ने बताया द्रोणिका /हवा की अनियमित गति दक्षिणी कर्नाटक से पश्चिम विदर्भ तक 0.9 ऊंचाई तक विस्तारित है। छत्तीसगढ़ में कल 20 मार्च को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ अंधड़ चलेगी। साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। राज्य में अधिकतम तापमान में वृद्धि का दौर भी अब शुरू हो जाएगा।



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