Wednesday, February 11, 2026

            KORBA:: नाबालिग की बेरहमी से पिटाई: प्राइवेट पार्ट और पूरे शरीर पर गंभीर चोट, लहूलुहान हालत में मिला; 13 दिन के इलाज के बाद मौत…

            कोरबा// कोरबा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ बेरहमी से पिटाई की गई थी। रायपुर में इलाज के दौरान गुरुवार को नाबालिग ने दम तोड़ दिया। घटना होली के एक दिन बाद 9 मार्च को हुई थी। सबसे बड़ी बात है कि अभी तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।

            इकलौते मृत बेटे बीरेंद्र मंझवार की फोटो के साथ पीड़ित माता-पिता।

            जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइन थाना रामपुर के अंतर्गत नकटीखार गांव में अवधराम मंझवार अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका इकलौता बेटा बीरेंद्र कुमार (16 वर्ष) 9 मार्च को अपने दोस्त सुंदर मंझवार (16 वर्ष) के साथ बाइक से करतला थाना क्षेत्र के केराकछार एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गया हुआ था। पिता अवधराम ने बताया कि उन्हें भी नहीं पता है कि वो किस कार्यक्रम में गया हुआ था।

            करतला थाना क्षेत्र में नाबालिग की कुछ लड़कों ने बेरहमी से पिटाई की थी।

            करतला थाना क्षेत्र में नाबालिग की कुछ लड़कों ने बेरहमी से पिटाई की थी।

            पीड़ित पिता ने बताया कि 9 मार्च को रात लगभग 11 बजे बेटा घर पहुंचा और अपने कमरे में जाकर सो गया। 10 मार्च को सुबह बहुत देर हो जाने के बाद भी वो नहीं उठा, तो वो उसके कमरे में उसे देखने के लिए गए। जब उन्होंने अपने बेटे को देखा, तो उनके होश उड़ गए। बीरेंद्र पूरी तरह खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा हुआ था। उसके गुप्तांग से भी खून बह रहा था। प्राइवेट पार्ट और पूरे शरीर पर चोट के गंभीर निशान थे।

            पिता अवधराम के मुताबिक, वे तुरंत बेटे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी गंभीर हालत को देखकर प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया। रायपुर में उसका करीब 13 दिन इलाज चला, लेकिन 23 मार्च को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

            रायपुर में 12 दिन के इलाज के बाद नाबालिग लड़के ने 23 मार्च को तोड़ा दम।

            रायपुर में 12 दिन के इलाज के बाद नाबालिग लड़के ने 23 मार्च को तोड़ा दम।

            पीड़ित पिता ने बताया कि बेटे के दोस्तों से पूछने पर पता चला कि जिस कार्यक्रम में वो केराकछार गया हुआ था, वहीं के कुछ लड़कों ने बीरेंद्र के साथ जमकर मारपीट की थी। किसी तरह से उसका दोस्त सुंदर जान बचाकर भागा था। फिलहाल सुंदर बहुत डरा हुआ है और सामने नहीं आ रहा। बीरेंद्र की पिटाई उन लड़कों ने क्यों की, इस बात का खुलासा भी अब तक नहीं हो सका है।

            परिजनों का आरोप है कि उन्होंने मामले की रिपोर्ट रामपुर सिविल लाइन थाने में लिखवाने की कोशिश की, लेकिन पुलिसवालों ने उन्हें करतला भेज दिया। अब तक न तो करतला और न तो रामपुर सिविल लाइन थाने ने ही केस दर्ज किया है। इस मामले में करतला थाने में पदस्थ ASI अनिल खांडे ने बताया कि अभी शिकायत नहीं मिली है, थाना प्रभारी अवकाश में हैं। पिता ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।


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