पत्नी की हत्या कर झाड़ियों में फेंकी थी लाश… पति, सास, ननद और दंपती समेत 5 गिरफ्तार, मामूली विवाद में ले ली थी जान

        बलरामपुर-रामानुजगंज: जिले में करीब सवा महीने पहले की गई महिला की हत्या के आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस ने मृतका के पति समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला गणेश मोड़ पुलिस चौकी क्षेत्र का है।

        अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए एसपी मोहित गर्ग ने बताया कि इसी साल 10 मार्च को गणेश मोड़ पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम भैंसामुंडा के सिलपट नाले के पास एक महिला का शव मिला था। महिला का सड़ा-गला शव झाड़ियों में फेंका हुआ था। जांच में मृतका की पहचान सनमेत सिंह (35 वर्ष) निवासी ग्राम सरनाडीह के रूप में की गई थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट आने पर महिला की हत्या की पुष्टि हुई।

        एसपी मोहित गर्ग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया मामले का खुलासा।

        एसपी मोहित गर्ग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया मामले का खुलासा।

        एसपी ने बताया कि पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि मृतका का पति शंकर सिंह होली के दिन से ही फरार है। इसके बाद पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से झारखंड के रांची से शंकर सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने पत्नी की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। उसने पुलिस को बताया कि उसका पत्नी से हमेशा झगड़ा होता रहता था। इस बीच 5 मार्च की रात करीब 8 बजे फिर से विवाद होने पर शंकर आवेश में आ गया और पत्नी की बेदम पिटाई कर उसके सिर को जोर से दीवार पर पटक दिया।

        पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर झाड़ियों में फेंक दी लाश।

        पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर झाड़ियों में फेंक दी लाश।

        सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। तब उसने घटना के बारे में गांव के मुरारी सिंह को बताई। मुरारी और उसकी पत्नी घटनास्थल पर आए और मृतका का शव देखकर चले गए। वे घटना के संबंध में किसी को नहीं बताकर अपराध छिपाने में संलिप्त हो गए।

        इसके बाद आरोपी ने मां और बहन के साथ मिलकर पत्नी की लाश को ठिकाने लगाया। 6 मार्च की रात करीब 3 बजे आरोपी शंकर सिंह ने अपनी मां बहोरी देवी और अपनी नाबालिग छोटी बहन को घटना के बारे में बताया, फिर तीनों एक साथ घटनास्थल पर आए और मिलकर मृतका के दोनों पैर बांधकर बाइक क्रमांक सीजी 15 डीजे 6824 से ग्राम भैंसामुड़ा के पास सिलपट नाले के किनारे झाड़ी में छिपाकर वापस चले गए थे।

        पूछताछ में यह बात सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी शंकर सिंह (35 वर्ष), उसकी मां बहोरी देवी (55 वर्ष), मुरली सिंह, उसकी पत्नी विनती देवी और मुख्य आरोपी की नाबालिग बहन के खिलाफ धारा 302, 201 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मंगलवार को सभी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।



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