बर्ड पार्क में मधुमक्खियों का डेरा… पर्यटकों के लिए पिछले एक महीने से बंद है पार्क; अफसर बोले- कोई कैजुअल्टी न हो इसलिए लिया निर्णय

              जगदलपुर: छत्तीसगढ़ में जगदलपुर के पक्षी विहार (बर्ड पार्क) में अब मधुमक्खियों का डेरा है। पार्क में करीब 7 से 8 जगह मधुमक्खियों का छाता होने की वजह से आम नागरिकों के लिए ,पर्यटकों के लिए द्वार बंद कर दिए गए हैं। पिछले 1 महीने से जो भी पर्यटक पक्षी विहार आ रहे हैं उन्हें मायूस होकर यहां से लौटना पड़ रहा है।

              अफसरों का कहना है कि किसी भी तरह की कोई कैजुअल्टी न हो इसी बात को ध्यान में रखते हुए पार्क को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

              अंदर करीब 6 से 7 जगहों पर मधुमक्खियों का डेरा है।

              अंदर करीब 6 से 7 जगहों पर मधुमक्खियों का डेरा है।

              जब मीडिया की टीम यहां पहुंची तो पहले से ही करीब 20 से 25 पर्यटक पक्षी विहार के बाहर मौजूद थे। उनमें से कुछ जगदलपुर के थे तो कुछ बस्तर के बाहर के थे। पर्यटकों ने बताया कि, पक्षी विहार के बारे में बहुत सुना था, देखने पहुंचे तो दरवाजा बंद था। अंदर जाने परमिशन नहीं दी जा रही है। पक्षी विहार के मुख्य द्वार पर वन विभाग ने बोर्ड भी चस्पा करवाया है। जिसमें लिखा है कि अंदर मधुमक्खियों का छाता है इसलिए यह पार्क बंद कर दिया गया है।

              बर्ड पार्क पहुंचे पर्यटक।

              जल्द ही निकाले जाएंगे।

              जल्द ही निकाले जाएंगे।

              ढाई करोड़ की लागत से तैयार हुआ है सेटअप
              दरअसल, करीब 6 महीने पहले ही जगदलपुर के लामनी पार्क में पक्षी विहार बनकर तैयार हुआ है। 26 जनवरी 2023 को CM भूपेश बघेल ने इसका उद्धाटन किया था। बस्तर पर्यटन का हब है, ऐसे में इस पक्षी विहार को पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद को ध्यान में रखते हुए इसे बनाया गया था। इसके लिए करीब ढाई करोड़ रुपए भी खर्च किए गए हैं। देसी से लेकर विदेशी नस्ल के बर्ड्स को यहां रखा गया है। शुरुआती दिनों में यहां पर्यटकों की भीड़ रहती थी। लेकिन, पिछले 1 महीने से आम लोगों के लिए यह पार्क बंद कर दिया गया है।

              देसी से लेकर विदेशी नस्ल के बर्ड्स हैं।

              देसी से लेकर विदेशी नस्ल के बर्ड्स हैं।

              अफसर बोले- जल्द खुलेगा
              वन विभाग के SDO आशीष कोटरीवार ने कहा कि, अंदर मधुमक्खियों का डेरा है। इस वजह से हमने पर्यटकों के लिए पार्क बंद कर रखा है। मधुमक्खियों का छाता निकालने के लिए हमारे पास कोई स्पेशल टीम नहीं हैं। हालांकि, जो लोग शहद निकालने का काम करते हैं हमने उन लोगों से बातचीत की है। जब भी वे लोग आएंगे तो मधुमक्खियों के छाता को हटा दिया जाएगा। जिसके बाद पार्क को पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।


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