सूरजपुर: सखी वन स्टॉप सेंटर पीड़ित महिलाओं के लिए बन रहा सहारा… 

              सूरजपुर: महिलाओं को संरक्षण प्रदान करने के लिए अनेक वैधानिक प्रावधान उपलब्ध है। लेकिन इसके बाद भी समाज में महिलाओं को कई प्रकार की हिंसा का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए सभी आयु वर्ग की महिलाओं को एक छत के नीचे सभी प्रकार की सहायता एक साथ उपलब्ध कराने के लिए सखी सेंटर का संचालन शरू किया गया है। ये सेंटर पीड़ित महिलाओं के लिए बड़ा सहारा बन रहा है। जिला में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर 10 मार्च 2017 से संचालित है। जहां पिछले 6 साल 04 माह के कुल 2024 प्रकरण दर्ज किये गये है। इसमें 1967 प्रकरण का निराकरण एवं 57 प्रकरण अभी लंबित है। इतना ही नही 779 पीड़िताओं को आश्रय प्रदान किया गया है। पीड़ित महिलाएं सखी में स्वयं आकर व सखी सेंटर के संपर्क न0 9575812181 पर कॉल कर एवं महिला हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 181 के जरिये अपनी शिकायत बेझिझक दर्ज कराती है। इसके बाद प्रारम्भ होता है, भारत शासन द्वारा एक ही छत के नीचे दी जाने वाली सुविधाएं जो संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर में नियोजित महिला स्टॉफ द्वारा पीड़ित महिलाओं को सहायता प्रदान करने का कार्य कर रही है। इस सेंटर का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था है। जहां से पीड़ित कोई भी महिला सभी तरह की मदद एक ही छत के नीचे पा सकती हैं। यहां चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता, विधिक सहायता, परामर्श सहायता एवं आश्रय की सहायता उपलब्ध है। आपातकालीन प्रक्रिया एवं बचाव सेवाएं, मेडिकल सुविधा एवं एफआईआर दर्ज करने में महिलाओं की सहायता करना, मनोवैज्ञानिक सहायता, कानूनी सहायता एवं परामर्श, अस्थाई आश्रय एवं वीडियो कांफ्रेसिंग सुविधा में सखी सेंटर मदद करती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा पर खरा उतर रहा सखी सेंटर महिलाओं की मदद कर रहा है, जिससे महिलाओं के जीवन में सखी सेंटर उम्मीद और नई रोशनी लेकर आया है।

              15 जुलाई 2023 सखी वन स्टॉप सेंटर सूरजपुर में पीड़िता प्रत्यक्ष रूप से घरेलु हिंसा एवं आश्रय हेतु प्रकरण दर्ज कराई। पीड़िता 5 दिन की बच्ची को लेकर सखी में आश्रय हेतु आयी। पीड़िता ने बताया की अनावेदक पति के द्वारा पीड़िता को जो कि 7 माह की गर्भवती थी, बिना बताये दीदी के घर छोड़कर चला गया। पीड़िता की दीदी ने पीड़िता को कुछ दिन अपने पास रखने के पश्चात अपने साथ में रखने से मना कर दिया। पीड़िता ने 2 माह तक पति से संपर्क करने की कोषिष की परंतु अनावेदक पति से संपर्क नही हो पाया। सखी द्वारा पीड़िता को आश्रय प्रदान किया गया एवं अनावेदक जो कि राजस्थान का रहने वाला है, से संपर्क कर पीड़िता के संबंध में जानकारी दी गई। अनावेदक द्वारा आने से मना करने पर फोन पर अनावेदक को समझाइस दी गई। जिसके पश्चात् अनावेदक आवेदिका को अपने साथ रखने को तैयार हो गया। 26 जुलाई 2023 को सखी सेंटर द्वारा पीड़िता को उसके ससुराल राजस्थान पहुंचाया गया। आज पीड़ित महिला सकुशल अपने परिवार जन के पास पहुंच गई है। पीड़िता एवं पीड़िता के परिवारजनांें ने सखी सेंटर का आभार व्यक्त किया है ।

              21 जुलाई 2023 को 181 महिला हेल्प लाइन में मानसिक रूप से कमजोर महिला के संबंध में शिकायत दर्ज कराया। जिस पर आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रकरण को सखी वन स्टॉप सेंटर में स्थांनतरित किया गया। संबंधित थाना-भटगांव को सूचना देकर पीड़िता को रेस्क्यू कर सुरक्षा की दृष्टि से आश्रय हेतु सखी सेंटर में लाया गया। महिला अपने संबंध में किसी प्रकार की जानकारी नही दे पा रही थी। महिला की मानसिक स्थिति को देखते हुए इलाज हेतु जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। चिकित्सक के द्वारा महिला का मानसिक परीक्षण किया गया। जिसमें पीड़िता को मानसिक रुप से अस्वस्थ होना पाया गया। चिकित्सक के द्वारा पिड़िता को इलाज हेतु मानसिक चिकित्सालय सेंदरी बिलासपुर रेफर किया गया। 05 अगस्त 2023 को माननीय न्यायालय सूरजपुर के आदेशानुसार पीड़िता को मानसिक उपचार हेतु मानसिक चिकित्सालय सेंदरी बिलासपुर भेजा गया है।


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