जशपुर: जिले में 14 साल के नाबालिग छात्र आकाश तिर्की का रेस्क्यू ऑपरेशन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी है। अभी तक नाबालिग की लाश नदी से नहीं मिल पाई है। हैरानी की बात ये थी कि छात्र को उसके नाबालिग दोस्तों ने ही उफनती नदी में फेंक दिया था। मामला कुनकुरी थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, आकाश तिर्की (14 वर्ष) गड़ा कटा गांव का रहने वाला था और 8वीं कक्षा में पढ़ता था। सोमवार शाम को वो अपने 4 दोस्तों के साथ पेड़ पर ततैया के अंडे निकालने के लिए गया हुआ था। सरई पेड़ पर वो अपने दोस्तों के साथ चढ़ा। आकाश ततैया जिसे स्थानीय भाषा में तुम्बेल कहते हैं, उसके अंडे निकालने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वो हादसे का शिकार हो गया। पेड़ की ऊंचाई से नाबालिग जमीन पर नीचे गिर पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई।

नदी में बहाए गए बच्चे को तलाशती एसडीआरएफ की टीम।
इधर उसके बाकी साथी ये देखकर डर गए। उन्होंने आकाश की लाश को उठाया और उसे ले जाकर उफनती हुई श्रीनदी में जाकर डाल दिया। इसके बाद सभी घर वापस लौट आए। इधर बेटा जब घर वापस नहीं लौटा, तो उसके घरवाले घबरा गए। वे रातभर अपने बच्चे की तलाश करते रहे। मंगलवार को आकाश के पिता जेम्स तिर्की ने कुनकुरी थाने में बच्चे की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया।

घटनास्थल से लेकर कुछ दूर आगे तक टीम युवक की तलाश कर रही है।
कुनकुरी थाना प्रभारी एल आर चौहान को जांच के दौरान पता चला कि बच्चा अपने साथियों के साथ जंगल में गया था। जिसके बाद उन्होंने मनोवैज्ञानिक तरीके से बच्चों से पूछताछ की। पहले तो बच्चों ने कोई और कहानी सुनाई, लेकिन फिर सारी बात सच-सच बता दी। उन्होंने बताया कि पेड़ से गिरने के कारण आकाश की मौत हो गई, जिसके बाद उन्होंने उसकी लाश नदी में फेंक दी। ये सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए।

रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर स्थानीय लोग भी मौजूद हैं।
पुलिस तुरंत गोताखोरों की टीम के साथ श्रीनदी पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। SDRF की गोताखोरों की टीम ने मंगलवार को शाम 3 बजे से बच्चे के शव को ढूंढना शुरू किया था, लेकिन अभी तक शव नहीं मिल पाया है। गुरुवार को भी कुनकुरी पुलिस गोताखोरों की टीम के साथ नदी में बच्चे का शव खोजने में जुटी हुई है। मौके पर परिजनों के साथ-साथ भारी संख्या में गांव के भी लोग मौजूद हैं।

पानी में बहाय गए बच्चे की पुरानी तस्वीर।
घटनास्थल का मुआयना करने गए एसडीओपी संदीप मित्तल ने बताया कि पेड़ के नीचे जला हुआ मोबिल, बांस का डंडा जिससे मशाल बनाई गई थी, वो बरामद किया गया है। उसी मशाल से पेड़ में ततैया के छत्ते में आग लगाए जाने के समय हादसा हो गया।

सुबह से टीम घटनास्थल और उसके आसपास सर्चिंग कर रही है।
वहीं गोताखोरों ने बताया कि नदी में 2 किलोमीटर की दूरी तक श्रीनदी पुल के नीचे तक लाश की तलाश की जा रही है, लेकिन पानी का बहाव काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि चट्टानों के बीच शव कहीं फंस गया होगा।





