सुकमा: अंत्यावसायी विभाग से मिली ऋण, वाहन खरीदने का सपना हुआ पूरा…

              • रमेश ने पिकअप तो चेरो ने लायी सवारी गाड़ी, परिवार में आयी खुशहाली

              सुकमा: छिंदगढ़ के ग्राम कांजीपानी निवासी रमेश मांझी, धोबनपाल निवासी चेरो दुवारी ने अंत्यावसायी विभाग की योजना का लाभ लेकर वाहन खरीदने का सपना पूरा किया है। घरेलू कार्य के साथ ही व्यावसायिक क्षेत्र में उपयोग में लाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। जिससे परिवार में खुशहाली भी आने लगी है। हितग्राहियों को 09 जून 2023 को कैबिनेट मंत्री श्री कवासी लखमा ने वाहन की चाबी सौंपी थी। वाहन खरीदने का सपना पूरा होने पर उन्होंने शासन प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

              ग्राम कांजीपानी के निवासी रमेश मांझी ने बताया कि वे ग्राम में किराना दुकान का संचालन करते हैं। दुकान के सामनों को लाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। किराना सामानों को लाने ले जाने के लिए पीकअप वाहन खरीदने का सपना अंत्यावसायी विभाग की योजना से अब पूरा हो चुका है। पिकअप वाहन के मिलने से व्यवसाय के क्षेत्र में वृद्धि होने लगी है। जिससे आसपास के ग्रामों में भी किराना सामानों को पहुंचाने में सहूलियत हो रही है। साथ ही वाहन को मालवाहक वाहन के तौर पर उपयोग में लाने से अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित हो रही है।

              वहीं धोबनपाल निवासी चेरो दुवारी ने बताया कि किराये का आटो चलाकर परिवार का जिम्मेदारी उठाया करते थे। परिचित व्यक्ति के सलाह पर उन्होंने जिला अंत्यावसायी विभाग में ऋण योजना का लाभ लेने आवेदन किया। जिससे कई वर्षों से अधूरी सवारी गाड़ी खरीदने का सपना अब पूरा हुआ हैं। साथ ही अब यात्रियों को बिना किसी इंतजार के ही उनके गंतव्य तक पहुंचाई जा रही है। वहीं वाहन बुकिंग के लिए भी ग्रामवासी सम्पर्क कर रहे हैं। जिससे आर्थिक सुदृढ़ीकरण को गति मिल रही है और स्वयं का सवारी वाहन होने से परिवार में भी खुशहाली आने लगी है।

              जिला अंत्यावसायी कार्यपालन अधिकारी श्री कुलेश्वर सेवता ने बताया कि कांजीपानी निवासी रमेश मांझी को आदिवासी अनुसूचित जनजाति के तहत 7 लाख 30 हजार रुपये से पीकअप वाहन और धोबनपाल निवासी चेरो को पेशेनज़र व्हीकल के तहत 7 लाख 19 हजार की राशि से सवारी वाहन प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि जिले के अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक वर्गों के आर्थिक विकास की व्यक्तिमूलक योजनाओं का संचालन कर स्वरोजगार के लिए वित्तीय ऋण प्रदान की जाती है।


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