शिक्षक दिवस पर कोरबा में सजा गुरु सम्मान का भव्य मंच, सरस्वती शिक्षा समिति ने आचार्य-आचार्याओं का किया अभिनंदन

          डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर आयोजित समारोह में गुरुजनों को रोली-तिलक और भेंट देकर किया सम्मानित

          शिक्षा के साथ संस्कार और चरित्र निर्माण पर दिया जोर

          कोरबा (BCC NEWS 24): शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सीएसईबी कोरबा पूर्व में सरस्वती शिक्षा समिति, कोरबा द्वारा संयुक्त रूप से आचार्य अभिनंदन समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह में गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव देखने को मिला।

          गुरुजनों के सम्मान में सजा समारोह का मंच

          समारोह में बतौर मुख्य अतिथि डॉ. विशाल उपाध्याय, जिला संघचालक कोरबा, मुख्य वक्ता श्री जुड़ावन सिंह, उपाध्यक्ष विद्या भारती मध्य क्षेत्र उपस्थित रहे, अध्यक्षता श्री श्याम सुंदर अग्रवाल, उपाध्यक्ष सरस्वती शिक्षा समिति ने की। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुई। मंच पर उपस्थित अतिथियों ने मां सरस्वती, भारत माता और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद अतिथियों का परिचय कराया गया और शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि डॉ. विशाल उपाध्याय ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए गुरुजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी आचार्य-आचार्याओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह की अध्यक्षता कर रहे श्री श्याम सुंदर अग्रवाल ने भी गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को सत्य, सदाचार और अच्छे संस्कारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

          शिक्षा के साथ संस्कार और चरित्र निर्माण की भूमिका पर जोर

          मुख्य वक्ता श्री जुड़ावन सिंह ने अपने संबोधन में शिक्षक और आचार्य की भूमिका के बीच अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक जहां शिक्षा प्रदान करता है, वहीं आचार्य विद्या के साथ संस्कार और जीवन मूल्यों का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि गुरु का कार्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाना और उनके व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार और चरित्र निर्माण की महत्वपूर्ण भूमि है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक दायित्व, सदाचार, पारिवारिक मूल्यों और समाज में व्याप्त कुरीतियों से दूर रहने की प्रेरणा भी मिलनी चाहिए।

          समारोह में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के निर्माण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, वैज्ञानिक और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों के पीछे किसी न किसी शिक्षक का मार्गदर्शन रहा है। इसलिए शिक्षक का सम्मान वास्तव में समाज और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान का सम्मान है। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री विकास जोशी ने विद्या भारती और संघ के कार्यों के विस्तार का उल्लेख करते हुए उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य निरंतर जारी रहना चाहिए।

          आचार्य-आचार्याओं को रोली-तिलक और भेंट देकर किया सम्मान

          इस गरिमामय अवसर पर सरस्वती शिक्षा समिति, कोरबा की ओर से उपस्थित आचार्य एवं आचार्याओं का विशेष अभिनंदन किया गया। समिति द्वारा सभी गुरुजनों को रोली-तिलक लगाकर एवं भेंट सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान विद्यालयों में शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में योगदान देने वाले आचार्य-आचार्याओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।समारोह में विभिन्न विद्यालयों से आए प्राचार्य, प्रधानाचार्य और आचार्य-आचार्याओं के साथ स्थानीय विद्यालय के कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और विशेष बना दिया। पूरे आयोजन में गुरुजनों के सम्मान के साथ शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, गुरुजनों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सुख-शांति एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई। इसके बाद स्वस्तिवाचन के साथ आचार्य अभिनंदन समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ। कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्री सूर्यकुमार पांडेय, संघ के अन्य पदाधिकारी, विभिन्न सरस्वती विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य, आचार्य-आचार्या, स्थानीय विद्यालय के कर्मचारीगण तथा विद्यालय के विभिन्न परिषदों के भैया-बहन, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों की गरिमामय उपस्थिति रही। शिक्षक दिवस पर आयोजित यह समारोह गुरुजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और शिक्षा के माध्यम से संस्कारवान समाज निर्माण के संकल्प का प्रभावी संदेश दे गया।



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