कृषि विभाग ने जारी की गोबर खरीदी की रैंकिंग…

                • बिलासपुर पहले और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई दूसरे स्थान पर

                रायपुर: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज का सपना साकार हो रहा है। गोधन न्याय योजना के तहत राज्य स्तर पर गोबर खरीदी रैंकिंग में जिला बिलासपुर पहला और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) दूसरे नंबर हासिल करने में सफलता पायी है।

                कृषि विभाग द्वारा गोबर खरीदी के लिए जारी की गई रैंकिंग में बिलासपुर जिले में 95 प्रतिशत गौठानों में गोबर क्रय कर प्रथम स्थान पर है तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई दूसरे स्थान पर है। वहां 84 प्रतिशत गौठानों में हुई गोबर क्रय किया जा रहा है। इन दोनों जिलों में कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों के सहयोग से नियमित और योजनाबद्ध ढंग से गोबर खरीदी के लिए कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। महिला समूहों को वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन जिलों में कलेक्टर द्वारा गोबर खरीदी की प्रतिदिन मॉनिटरिंग भी की जा रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग द्वारा गोबर खरीदी के लिए जारी किए गए रैंकिंग में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले ने 33वें स्थान से सीधे दूसरे स्थान की छलांग लगाई है।

                गौरतलब है कि गरवा योजना अंतर्गत बनाए गए गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर की खरीदी की जा रही है तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को गोबर से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।


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