अमेरिका का वेनेजुएला की बोट पर फिर हमला, 3 की मौत, ट्रम्प बोले- नशीले पदार्थ ला रहे थे; आगे और भी बड़े हमले करने का प्लान

        वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी सेना ने सोमवार को एक बार फिर वेनेजुएला के ड्रग तस्करों की बोट पर हमला किया। इस हमले में 3 लोग मारे गए। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी।

        उन्होंने इन तस्करों को नार्को टेररिस्ट यानी ड्रग कार्टेल से जुड़े आतंकवादी बताया। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,

        मेरे आदेश पर अमेरिकी सेना ने ड्रग तस्करी करने वाले कार्टेल और नार्को टेररिस्ट पर स्ट्राइक की। ये लोग वेनेजुएला से नशीले पदार्थ अमेरिका की ओर ले जा रहे थे।

        उन्होंने कहा कि ड्रग कार्टेल अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और हितों के लिए बड़ा खतरा हैं। ट्रम्प ने यह भी बताया कि इस हमले में अमेरिकी बलों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

        दो हफ्ते पहले भी अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के कुख्यात ट्रेन डी अरागुआ गैंग से जुड़े 11 लोगों को मार गिराने का दावा किया था। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिए कि अमेरिका ड्रग कार्टेल के खिलाफ और बड़े हमले कर सकता है।

        अमेरिका ट्रेन डी अरागुआ को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका

        अमेरिका ट्रेन डी अरागुआ गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है। हालांकि अमेरिकी संसद ने ट्रेन डे अरागुआ या वेनेजुएला के खिलाफ किसी तरह की सैन्य कार्रवाई को मंजूरी नहीं दी है।

        एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब किसी देश ने आत्मरक्षा के नाम पर ड्रग्स तस्करी के शक में लोगों को उड़ा दिया हो।

        ट्रम्प प्रशासन ने फरवरी, 2025 में वेनेजुएला के ट्रेन डी अरागुआ, अल सल्वाडोर के MS-13 और मेक्सिको के छह ड्रग कार्टेल्स को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था।

        आमतौर पर यह दर्जा अल-कायदा या इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों के लिए होता है, लेकिन ट्रम्प प्रशासन ने कहा कि ये गिरोह ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और हिंसा के जरिए इतना बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं कि इन्हें आतंकी संगठन माना जाना चाहिए।

        कानून में तस्करों को मारने की इजाजत नहीं

        अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछले हफ्ते कहा था कि सरकार को ड्रग तस्करों के खिलाफ सैन्य बल इस्तेमाल करने का अधिकार है। लेकिन अमेरिकी कानून के जानकारों के मुताबिक ऐसा नहीं है।

        आतंकवादी घोषित करने से सरकार उनकी संपत्ति जब्त कर सकती है या उन पर वित्तीय पाबंदी लगा सकती है, लेकिन युद्ध जैसी कार्रवाई का अधिकार नहीं मिलता।

        2001 में संसद ने अल-कायदा और तालिबान के खिलाफ अफगानिस्तान में सैन्य बल इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी।

        बाद में अलग-अलग अमेरिकी सरकारों ने इस कानून का विस्तार कर दूसरे इस्लामी उग्रवादी संगठनों के खिलाफ भी कार्रवाई की। लेकिन इस कानून के तहत ड्रग्स कार्टेल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की इजाजत नहीं मिलती।



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