NEET पेपर लीक में BAMS स्टूडेंट गिरफ्तार, राजस्थान पुलिस ने गुरुग्राम से पकड़ा, पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई, क्वेश्चन पेपर दूसरों तक पहुंचाने का शक

              गुरुग्राम: NEET (UG) पेपर लीक मामले में राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने गुरुग्राम से एक BAMS स्टूडेंट को हिरासत में लिया है। पकड़ा गया युवक फर्रुखनगर इलाके के खुरमपुर गांव का रहने वाला यश है। पुलिस टीम को शक है कि यश पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा है।

              वह उत्तराखंड के मंजीरा देवी मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर का छात्र है। वह सीकर में रहता था। यहीं से उसने कोचिंग ली। ऐसा माना जा रहा है कि वहीं से वह कुछ लोगों के संपर्क में आया।

              SOG की टीम ने तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार रात को खुरमपुर गांव में दबिश दी। उस समय यश घर पर ही मौजूद था। पहले उससे घर पर ही पूछताछ की गई, जिसके बाद टीम उसे अपने साथ राजस्थान ले गई।

              दरअसल, पेपर लीक की आशंका के चलते NTA ने 12 मई NEET एग्जाम को रद्द करने का फैसला लिया है। अब इस पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है।

              गुरुग्राम में खुरमपुर गांव में यश का मकान।

              क्वेश्चन पेपर दूसरों तक पहुंचाने का शक

              सूत्रों के मुताबिक, यश पेपर लीक करने वाले मुख्य गिरोह और परीक्षार्थियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहा था। पुलिस को आशंका है कि यश के पास परीक्षा से पहले ही क्वेश्चन पेपर या उसके आंसर आ चुके थे, जिसे उसने अन्य कड़ियों तक पहुंचाया।

              राजस्थान में दर्ज मुख्य मुकदमे के तहत अब यश से गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि इस रैकेट में शामिल अन्य डॉक्टरों, छात्रों और कोचिंग सेंटरों के मालिकों को बेनकाब किया जा सके। टीम यश के बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और हालिया मुलाकातों को खंगाल रही है ताकि वित्तीय लेन-देन के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।

              स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के IG अजयपाल लांबा ने मंगलवार देर रात जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें गुरुग्राम का भी जिक्र था।

              स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के IG अजयपाल लांबा ने मंगलवार देर रात जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें गुरुग्राम का भी जिक्र था।

              15 लाख तक में डील हुई

              SOG सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम में सक्रिय सिंडिकेट ने इस पेपर को बड़े पैमाने पर भुनाने की योजना बनाई थी। संदिग्धों ने एक-एक पेपर की कॉपी 10 से 15 लाख रुपए में बेची। एसओजी ने इन पैसों के लेन-देन के पुख्ता डिजिटल और दस्तावेजी सबूत सीबीआई के साथ साझा कर दिए हैं।

              जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि माफिया ने असली पेपर को सीधे बेचने के बजाय ‘गेस पेपर’ का नाम दिया था। इस गेस पेपर में 400 से अधिक सवाल थे, लेकिन उनके भीतर 3 मई की परीक्षा के बायोलॉजी के सभी 90 और केमिस्ट्री के 45 असली सवाल छिपे हुए थे। सिंडिकेट ने छात्रों से कहा था कि सिर्फ इन सवालों को रट लेने से उनका काम बन जाएगा।


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