Monday, January 12, 2026

              बांग्लादेश: हिंदू सिंगर की इलाज न मिलने से मौत, जेल में बंद थे, अस्पताल में दम तोड़ा; परिवार ने लापरवाही का आरोप लगाया

              ढाका: बांग्लादेश में जेल में बंद एक हिंदू सिंगर की पर्याप्त इलाज न मिलने से मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रोलय चाकी के रूप में हुई है। परिवार ने आरोप लगाया है कि जेल में रहते हुए उन्हें समय पर और पर्याप्त इलाज नहीं मिला।

              चाकी ने रविवार रात (11 जनवरी) करीब 9 बजे राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ा। वह पाबना जिला जेल में बंद थे और शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।

              जेल प्रशासन के मुताबिक, शुक्रवार सुबह प्रोलय चाकी को दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद उन्हें पहले पाबना जनरल अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां रविवार रात उनकी मौत हो गई।

              प्रोलय चाकी राजशाही के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती थे।

              प्रोलय चाकी राजशाही के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती थे।

              अधिकारी बोले- इलाज में देरी नहीं हुई

              पाबना जिला जेल के सुपरिटेंडेंट मोहम्मद ओमर फारुक ने बताया कि प्रोलय चाकी पहले से ही डायबिटीज समेत कई बीमारियों से पीड़ित थे। उनके मुताबिक, तबीयत बिगड़ते ही इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई थी और किसी तरह की देरी नहीं हुई।

              मृतक के बेटे और म्यूजिक डायरेक्टर सानी चाकी ने जेल प्रशासन के दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके पिता को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और आंखों की गंभीर समस्या थी, इसके बावजूद जेल में ठीक से इलाज नहीं कराया गया।

              सानी चाकी का आरोप है कि जब उनके पिता को पाबना जनरल अस्पताल ले जाया गया, तब वहां हृदय रोग से जुड़े इलाज की सुविधाएं नहीं थीं। इसके बावजूद उन्हें वहीं रखा गया, फिर वापस जेल भेजा गया और बाद में राजशाही ले जाया गया, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई।

              अवामी लीग से जुड़े थे प्रोलय

              प्रोलय चाकी बांग्लादेश की अवामी लीग के जिला स्तरीय सांस्कृतिक सचिव थे। उन्हें 16 दिसंबर 2025 को उनके घर से गिरफ्तार किया गया था।

              जेल सूत्रों के मुताबिक, उनकी गिरफ्तारी की मुख्य वजह अवामी लीग जुड़ा होना था। अवामी लीग पर फिलहाल बांग्लादेश में प्रतिबंध लगा हुआ है।

              मानवाधिकार संगठन ऐन ओ सलीश केंद्र के अनुसार, वर्ष 2025 में बांग्लादेश की जेलों में कुल 107 लोगों की मौत हुई, जिनमें 69 विचाराधीन कैदी और 38 सजा पाए कैदी शामिल थे। 2024 में हिरासत में मौतों की संख्या 65 दर्ज की गई थी।


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