वॉशिंगटन डीसी: मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद ट्रम्प के निशाने पर वेनेजुएला के गृह मंत्री और सुरक्षा प्रमुख डियोसदादो काबेलो आ गए हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि काबेलो अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ मिलकर वॉशिंगटन की शर्तें मानें और देश में शांति बनाए रखें। अगर काबेलो ने सहयोग नहीं किया, तो अमेरिका उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकता है।
अमेरिका ने बिचौलियों के जरिए काबेलो को चेताया है कि अगर उन्होंने विरोध किया, तो उनका हश्र भी मादुरो जैसा हो सकता है। जिन्हें हाल ही में अमेरिका ने गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाकर मुकदमा शुरू किया है।
हालांकि, अमेरिका फिलहाल काबेलो को तुरंत हटाना नहीं चाहता, क्योंकि ऐसा करने से सरकार समर्थक गुट सड़कों पर उतर सकते हैं और हालात बिगड़ सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका एक तरफ काबेलो (बाएं) से सहयोग कराने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ भविष्य में उन्हें सत्ता से हटाकर देश से बाहर भेजने के विकल्प भी तलाश रहा है।
अमेरिकी प्रशासन को विपक्ष पर भरोसा नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन को विपक्ष पर भरोसा नहीं है। उसे लगता है कि विपक्ष इस समय शांति नहीं रख पाएगा। अमेरिका चाहता है कि हालात काबू में रहें ताकि उसकी तेल कंपनियों को वेनेजुएला में काम करने का मौका मिले और अमेरिकी सेना भेजने की जरूरत न पड़े।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी नेता मारिया मचाडो को देश की सत्ता सौंपने की खबरें थी। हालांकि ट्रम्प प्रशासन ने इसे नकारते हुए उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को ही वेनेजुएला की सत्ता सौंपने का समर्थन किया।
फिलहाल अमेरिका डेल्सी रोड्रिग्ज को मादुरो के बाद सबसे अहम चेहरा माना जा रहा है। अमेरिका की डेल्सी से मांग है कि तेल सेक्टर खोला जाए, ड्रग तस्करी रोकी जाए, क्यूबा के सुरक्षा कर्मी हटें और ईरान से रिश्ते तोड़े जाएं।

डेल्सी रोड्रिग्ज ने 5 जनवरी को नेशनल असेंबली की बैठक के दौरान वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली।
वेनेजुएला की सत्ता पर काबेलो की मजबूत पकड़
डियोसदादो काबेलो वेनेजुएला की सत्ता व्यवस्था का ऐसा नाम हैं, जिनकी ताकत और भूमिका को देश के भीतर और बाहर दोनों जगह गंभीरता से लिया जाता है।
रॉयटर्स के मुताबिक, काबेलो पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज के करीबी रहे हैं और मादुरो शासन में उन्हें सत्ता का सबसे सख्त चेहरा माना गया।
फिलहाल वे देश के गृह मंत्री हैं और आंतरिक सुरक्षा, पुलिस और खुफिया एजेंसियों पर उनकी मजबूत पकड़ है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की जांच रिपोर्टों में काबेलो से जुड़ी एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
UN के मुताबिक, वेनेजुएला की खुफिया एजेंसियों SEBIN और DGCIM ने सरकार के निर्देश पर विपक्ष को दबाने के लिए मानवता के खिलाफ अपराध किए।

काबेलो (दाएं) की सुरक्षा एजेंसियों पर गहरी पकड़ की वजह से मादुरो (बाएं) की सरकार में उन्हें सबसे बड़ा दमनकारी चेहरा कहा गया।
अमेरिका काबेलो पर प्रतिबंध लगा चुका है
अमेरिकी न्याय विभाग और ट्रेजरी के मुताबिक, काबेलो पर ड्रग तस्करी और नार्को-आतंकवाद से जुड़े आरोप हैं। मार्च 2020 में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने काबेलो को दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करों की लिस्ट में डाल दिया।
उन पर सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर अमेरिका में कोकीन भिजवाने का आरोप लगा। अमेरिका ने उन पर 2.5 करोड़ डॉलर (करीब 210 करोड़ रुपए) का इनाम रखा है।
अमेरिका ने उन्हें प्रतिबंधित नेताओं की सूची में रखा है और उनके नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जोड़कर देखा है। यही वजह है कि वॉशिंगटन उन्हें सीधे निशाने पर रखने के साथ-साथ दबाव की राजनीति भी अपना रहा है।
काबेलो और अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के बीच रिश्ते भी तनावपूर्ण बताए जाते हैं। अटलांटिक काउंसिल के मुताबिक, दोनों लंबे समय से सत्ता का हिस्सा रहे हैं, लेकिन कभी करीबी नहीं रहे। यही अंदरूनी खींचतान काबेलो को और ज्यादा अहम बना देती है, क्योंकि वे चाहें तो सत्ता संतुलन बिगाड़ सकते हैं।
काबेलो ने अखबार ही बंद कर दिया था
मई 2021 में उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित अखबार ‘एल नैशनल’ (El Nacional) को खत्म कर दिया। अखबार ने उनके ड्रग लिंक्स पर एक रिपोर्ट पब्लिश की थी। काबेलो ने इसे ईगो पर ले लिया और मानहानि का केस ठोक दिया। सरकारी दबाव में कोर्ट ने अखबार पर करोड़ों का जुर्माना लगाया।
जब अखबार पैसा नहीं दे पाया, तो काबेलो ने पुलिस भेजकर उनकी पूरी बिल्डिंग ही जब्त कर ली और वहां यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान कर दिया।

(Bureau Chief, Korba)




