वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के दो भारतीय स्टूडेंट्स को भेदभाव से जुड़े एक मामले में यूनिवर्सिटी से 1.8 करोड़ रुपए का हर्जाना मिला है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह विवाद सितंबर 2023 में शुरू हुआ, जब यूनिवर्सिटी से Phd कर रहे छात्र आदित्य प्रकाश से एक स्टाफ मेंबर ने कहा कि वे डिपार्टमेंट के माइक्रोवेव में अपना लंच गर्म न करें, क्योंकि इससे बदबू आ रही है। आदित्य टिफिन में पालक पनीर लेकर आए थे।
आदित्य ने जवाब दिया कि ये सिर्फ खाना है और मैं इसे गर्म करके जा रहा हूं। इसके बाद स्टाफ मेंबर ने अधिकारियों से आदित्य की शिकायत कर दी। आदित्य प्रकाश और उनकी पार्टनर और Phd स्टूडेंट उर्मी भट्टाचार्य ने कहा कि जब हमने स्टाफ के रवैये की शिकायत की, तो यूनिवर्सिटी ने हमारे ही खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद दोनों छात्रों ने अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, कोलोराडो में यूनिवर्सिटी के खिलाफ सिविल केस दायर किया। छात्रों ने कोर्ट को बताया कि डिपार्टमेंट के किचन से जुड़े नियम खास तौर पर दक्षिण एशियाई स्टूडेंट्स को निशाना बनाते हैं। उन्हें हमारे पब्लिक प्लेस में टिफिन खोलने से भी परेशानी होती थी।
आदित्य प्रकाश ने बताया कि उन्हें बार-बार सीनियर फैकल्टी ने बुलाया और आरोप लगाया गया कि उनकी वजह से स्टाफ को दिक्कत हो रही है। वहीं उर्मी का कहना है कि उन्हें बिना कोई कारण बताए टीचिंग असिस्टेंट पद से भी हटा दिया गया।
ये मामला कोर्ट में करीब 2 साल तक चला। सितंबर 2025 में यूनिवर्सिटी ने दोनों को 1.8 करोड़ रुपये देने और उन्हें उनकी डिग्री देने पर सहमति जताई। हालांकि, दोनों को भविष्य में यूनिवर्सिटी में दोबारा एडमिशन लेने या नौकरी करने से रोक दिया गया है।

(Bureau Chief, Korba)





