नई दिल्ली: विदेश से भारत आने वाले यात्रियों के लिए कस्टम नियमों में बदलाव हुआ है। अब भारतीय नागरिकों के लिए ड्यूटी-फ्री लिमिट को बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। साथ ही ज्वेलरी लाने के नियमों को अब कीमत के बजाय वजन के आधार पर तय किया गया है।
वित्त मंत्रालय के इस फैसले से अब एयरपोर्ट पर कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया पहले से तेज और आसान हो जाएगी। सरकार का कहना है कि कागजी कार्रवाई कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह बदलाव किए गए हैं। ये नए नियम 2 फरवरी, 2026 से लागू हो गए हैं।
किसे कितनी मिलेगी छूट
हवाई या समुद्री मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई है। इसे 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 75 हजार रुपए कर दिया गया है। अगर आप सड़क मार्ग से भारत आ रहे हैं, तो किसी भी नागरिक को कोई जनरल ड्यूटी-फ्री छूट नहीं मिलेगी।
- भारतीय निवासी: ₹75 हजार तक का सामान बिना ड्यूटी दिए ला सकते हैं।
- भारतीय मूल के पर्यटक: इनके लिए भी लिमिट ₹75 हजार रखी गई है।
- विदेशी नागरिक (नॉन-टूरिस्ट वीजा): इन्हें भी ₹75 हजार तक की छूट मिलेगी।
- विदेशी मूल के पर्यटक: इनके लिए लिमिट ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार की गई है।
- एयरलाइन क्रू मेंबर्स: इनके लिए यह सीमा पहले की तरह ₹2,500 तय की गई है।
जवेलरी के नियम हुए आसान, अब वजन से होगा फैसला
कस्टम विभाग ने ज्वेलरी पर कीमत की सीमा को खत्म कर दिया है। अब सिर्फ वजन देखा जाएगा। यह छूट उन लोगों को मिलेगी जो एक साल से ज्यादा समय से विदेश में रह रहे हैं:
- महिला यात्री: 40 ग्राम तक की ज्वेलरी ड्यूटी-फ्री ला सकेंगी।
- अन्य यात्री: इनके लिए 20 ग्राम की सीमा तय की गई है।
जरूरी सामान की कैटेगरी में भी बदलाव
- लैपटॉप: 18 साल या उससे ज्यादा उम्र का हर यात्री अपने साथ एक लैपटॉप बिना ड्यूटी दिए ला सकता है। दूसरा लैपटॉप लाने पर आपको उस पर तय कस्टम ड्यूटी देनी होगी।
- पालतू जानवर: नए नियमों में पालतू जानवरों को भी ड्यूटी-फ्री श्रेणी में शामिल किया गया है, हालांकि इसके लिए एनिमल इम्पोर्ट के नियमों का पालन करना होगा।
- टेंम्परेरी सर्टिफिकेट: अगर आप कोई कीमती सामान थोड़े समय के लिए विदेश ले जा रहे हैं या वहां से ला रहे हैं, तो कस्टम अब ‘टेम्परेरी बैगेज एक्सपोर्ट/इंपोर्ट सर्टिफिकेट’ जारी करेगा। इससे वापसी के समय सामान फंसाने की समस्या नहीं होगी।
ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस: ₹7.50 लाख तक का फायदा
जो लोग विदेश से अपना काम खत्म कर भारत शिफ्ट हो रहे हैं उनके लिए अब सामान की लिस्ट के बजाय रुकने की अवधि के हिसाब से वैल्यू तय की गई है:
- 12 महीने तक रहने पर: ₹1.50 लाख की लिमिट।
- 1 से 2 साल रहने पर: ₹3 लाख की लिमिट।
- 2 साल से ज्यादा रहने पर: ₹7.50 लाख की लिमिट।
डिजिटल डिक्लेरेशन: अब ऐप से दे सकेंगे जानकारी
कस्टम प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने डिजिटल सिस्टम पर जोर दिया है। यात्री अब ‘ICEGATE’ पोर्टल या सरकारी एप के जरिए इलेक्ट्रॉनिक डिक्लेरेशन दे सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर रेड चैनल और ग्रीन चैनल की प्रक्रिया में लगने वाला समय बचेगा।

(Bureau Chief, Korba)





