तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: फारस की खाड़ी में ईरान के खार्ग आईलैंड के पास बड़ा तेल रिसाव देखा गया है। सैटेलाइट तस्वीरों में समुद्र में फैला तेल साफ नजर आया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रिसाव अमेरिकी प्रतिबंधों और होर्मुज में बढ़े तनाव के कारण हो सकता है।
ऑर्बिटल EOS नाम की संस्था के अनुसार, समुद्र में तेल करीब 51 वर्ग मील से ज्यादा इलाके में फैल चुका है। अनुमान है कि 3,000 बैरल से ज्यादा तेल पानी में बह गया है।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों और नौसैनिक दबाव की वजह से ईरान के तेल निर्यात पर असर पड़ा है। कई तेल टैंकर फंसे हुए हैं और देश के पास तेल स्टोर करने की जगह कम पड़ रही है। इसी कारण यह आशंका जताई जा रही है कि एक्स्ट्रा ऑयल समुद्र में छोड़ा जा रहा है।
हैम्बर्ग यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर नीमा शोकरी ने कहा कि तेल कुओं को अचानक बंद करना आसान नहीं होता, क्योंकि इससे पाइपलाइन जाम हो सकती हैं या तेल भंडार को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा, ‘तेल के कुएं ऐसी मशीनें नहीं हैं जिन्हें जब चाहें बंद और चालू किया जा सके।’
कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि खार्ग आइलैंड के पास पुरानी पाइपलाइन में लीकेज भी इसकी वजह हो सकती है। यह तेल धीरे-धीरे सऊदी अरब के समुद्री क्षेत्र की तरफ बढ़ रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है।
वहीं ईरान ने तेल रिसाव की खबरों को खारिज कर दिया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ऑयल टर्मिनल्स कंपनी ने कहा कि जांच में कहीं भी तेल लीकेज के सबूत नहीं मिले हैं।

तेहरान में एक महिला अमेरिका विरोधी बिलबोर्ड के आगे ईरानी झंडा लहरानी हुई। बिलबोर्ड में राष्ट्रपति ट्रम्प की मूंछ को र्मुज स्ट्रेट के रूप में दर्शाया गया है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
- अमेरिका-ईरान में फिर बातचीत की तैयारी: अगले हफ्ते इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच नई वार्ता हो सकती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने 14 पॉइंट वाला ड्राफ्ट दिया है।
- होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बरकरार: ईरान ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने फिर दखल दिया तो जंग दोबारा शुरू हो सकती है। वहीं अमेरिका ने दावा किया कि उसने 70 से ज्यादा जहाजों को ईरानी बंदरगाहों तक पहुंचने से रोका।
- लेबनान में इजराइली हमले तेज: दक्षिणी लेबनान में इजराइल के हवाई और ड्रोन हमलों में एक दिन में 39 लोगों की मौत हुई। कई रिहायशी इमारतें निशाना बनीं और हिजबुल्लाह ने भी इजराइल पर ड्रोन व रॉकेट हमलों का दावा किया।
- होर्मुज संकट से तेल महंगा: तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। UN और एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि इससे खाद्य पदार्थ, ईंधन और आयातित सामान महंगे हो सकते हैं, खासकर दक्षिण एशिया में।
- इजराइल-लेबनान शांति वार्ता की नई तारीख तय: अमेरिका की मध्यस्थता में 14-15 मई को इजराइल और लेबनान के बीच नई बातचीत होगी। इसमें सीमा विवाद, पुनर्निर्माण और हिजबुल्लाह के हथियारों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

(Bureau Chief, Korba)




