हरियाणा: कुरुक्षेत्र के रहने वाले एक युवक की कनाडा में मौत हो गई। युवक हर रोज की तरह रात को अपने कमरे में सोने गया था, लेकिन सुबह काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं आया। साथ रहने वाले चचेरे भाइयों ने उसे उठाने की कोशिश की, पर कोई हलचल नहीं हुई। कुछ देर बाद पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।
मृतक की पहचान लाडवा के गजलाना गांव निवासी वीरेन रंगा (22) के रूप में हुई है। वह 2 साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। उसने वहां इलेक्ट्रिकल डिप्लोमा किया है। घटना से पहले उसने परिवार से वीडियो कॉल पर बात भी की थी। परिवार ने शव को भारत लाने की गुहार लगाई है। परिवार इसके लिए फंड जुटा रहा है।
अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वीरेन की मौत कैसे हुई। फिलहाल कनाडा पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वीरेन की मौत की सूचना के बाद रिश्तेदार और पड़ोसी परिवार को सांत्वना देने के लिए घर पहुंच रहे हैं।
पिता फोरमैन, भाई वेटरनरी सर्जन का कोस कर रहा
वीरेन के पिता राजेंद्र रंगा बिजली निगम में फोरमैन हैं और बाबैन में तैनात हैं। उनका बड़ा बेटा आदित्य शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से वेटरनरी सर्जन का कोर्स करने के बाद इंटर्नशिप कर रहा है, जबकि मां सुनीता गृहिणी हैं।
कनाडा के वैंकूवर में डिप्लोमा किया
राजेंद्र रंगा ने बताया कि वीरेन ने शाहाबाद के खरींडवा गांव स्थित ITI से इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में 2 साल का डिप्लोमा किया था। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहता था। वीरेन कनाडा के वैंकूवर में इलेक्ट्रिकल डिप्लोमा कर रहा था, जो अब पूरा हो चुका था। हाल ही में उसके वर्क परमिट के लिए आवेदन किया था।
14 मई को वीडियो कॉल पर बात की
राजेंद्र रंगा के अनुसार, गुरुवार रात उनकी वीरेन से वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान उसका बड़ा भाई आदित्य भी कॉल पर मौजूद था। बातचीत में ऐसा कुछ नहीं लगा कि वीरेन किसी परेशानी में है। कॉल के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। शुक्रवार को उन्हें वीरेन की तबीयत खराब होने की सूचना मिली।
कनाडा पुलिस जांच कर रही
वीरेन के ताऊ के बेटे गुरमीत और गौरव भी उसके साथ रहते थे। उन्होंने ही परिवार को वीरेन की मौत की जानकारी दी। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। कनाडा पुलिस ने उसका ब्लड सैंपल लिया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
एक-दो दिन में शव भारत आएगा
राजेंद्र ने बताया कि वीरेन के शव को भारत लाने के लिए परिवार की ओर से कागजी कार्रवाई की जा रही है। उनके चचेरे भाई और मामा धर्मबीर इस प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। परिवार को उम्मीद है कि एक-दो में उसका शव भारत पहुंच सकता है। वहीं, वीरेन के दोस्त भी मदद के लिए आगे आए हैं और उसके नाम से एक ग्रुप बनाकर फंड इकट्ठा किया जा रहा है।

(Bureau Chief, Korba)




