तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका ने कहा है कि उसकी सेना ने गोरुक और केश्म आइलैंड पर ईरानी रडार साइट्स पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, पहले होर्मुज में ईरान के 4 अटैक ड्रोन मार गिराए गए, फिर आगे के हमले रोकने के लिए रडार साइट्स को निशाना बनाया गया।
इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के पास दुश्मन ठिकानों पर मिसाइल हमला किया। वहीं, CENTCOM के मुताबिक ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें 6 को हवा में ही रोक दिया गया, जबकि सातवीं अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की मिसाइल क्षमता काफी कमजोर हो गई है और उसके पास सिर्फ 21-22% मिसाइलें बची हैं।
हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान ने अपनी 33 में से 30 मिसाइल साइट्स फिर से चालू कर ली हैं और उसके पास अब भी करीब 70% मिसाइल भंडार मौजूद है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
- ट्रम्प बोले- ईरानी सुप्रीम लीडर से मुलाकात संभव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अगर अमेरिका-ईरान डील होती है तो वे ईरान के सुप्रीम लीडर से मिलने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान से एनरिच्ड यूरेनियम लेने के लिए सेना भेजने पर विचार हुआ था, लेकिन ज्यादा जोखिम होने के कारण प्लान रद्द कर दिया गया।
- ईरान ने 2 हजार से ज्यादा कैदियों को राहत दी: ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने 2,000 से ज्यादा कैदियों की सजा माफ या कम करने को मंजूरी दी। जासूसी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में सजा काट रहे कैदियों को इस राहत में शामिल नहीं किया गया है।
- लेबनान में इजराइली हमले जारी: सीजफायर की बातचीत के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजराइल के हवाई हमले जारी है। कई इलाकों में स्ट्राइक हुईं, जिनमें कम से कम 4 लोगों की मौत और कई घायल हुए।
- ईरान का तेल निर्यात बुरी तरह गिरा: अमेरिकी नाकेबंदी के बाद मई में ईरान का कच्चे तेल का निर्यात 84% तक गिर गया। लॉयड्स लिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अब ईरान बड़े टैंकरों की जगह छोटे जहाजों से तेल भेज रहा है, ताकि अमेरिकी कार्रवाई से बचा जा सके।
- आयरलैंड ने इजराइली मंत्रियों पर बैन लगाया: आयरलैंड ने इजराइल के दो कट्टरपंथी मंत्रियों इतामार बेन-ग्वीर और बेजालेल स्मोट्रिच के देश में प्रवेश पर रोक लगा दी। आयरलैंड सरकार ने कहा कि दोनों नेताओं के बयान फिलिस्तीनियों के खिलाफ नफरत और हिंसा को बढ़ावा देने वाले रहे हैं।

(Bureau Chief, Korba)




