तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया मैप जारी किया है। इसका मकसद जहाजों को समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों से बचाना है। इस मैप में उन खतरनाक इलाकों को दिखाया गया है, जहां जहाजों का जाना मना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पहले जहाज ओमान के किनारे के पास से गुजरते थे, लेकिन अब उन्हें ईरान के किनारे के पास से निकलने की सलाह दी गई है। इससे माइन वाले इलाकों से बचा जा सकता है। ईरान ने जहाजों से कहा है कि वे पहले उसके अधिकारियों से संपर्क करें, तभी उन्हें सुरक्षित रास्ता बताया जाएगा।
ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले तेल के जहाजों पर नजर भी रखेगा। हर जहाज को पहले अपने माल यानी कार्गो की पूरी जानकारी देनी होगी, उसके बाद ही आगे जाने की इजाजत मिलेगी।
वहीं फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान हर बैरल तेल पर 1 डॉलर टैक्स लेने की तैयारी कर रहा है और यह पैसा क्रिप्टोकरेंसी में लेना चाहता है।
ईरान की तरफ से जारी मैप की तस्वीर…

लेबनान में इजराइली हमलों से एक दिन में 254 मौतें
इजराइली सेना ने बुधवार को लेबनान में सैकड़ों मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 254 लोगों की मौत हो गई। लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक में कम से कम 1,165 लोग घायल हुए। इसके बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।
हमले बेरूत, बेक्का वैली, माउंट लेबनान, सैदोन और दक्षिण लेबनान के कई गांवों में किए गए। यह हमला उसी दिन हुआ, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया गया था।
इजराइली सेना ने कहा कि यह हमला 2 मार्च से शुरू किए गए उनके नए सैन्य ऑपरेशन के बाद लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला था। सेना के मुताबिक, इसमें हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान अमेरिका-ईरान सीजफायर का हिस्सा नहीं है। वहीं, मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना है कि इस सीजफायर में लेबनान भी शामिल है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि लेबनान इस समझौते से अलग है और इसका हिस्सा नहीं है।

इजराइल ने बुधवार को लेबनान में सैकड़ों हमले किए। इनसे राजधानी बेरुत में कई इमारतें तबाह हो गईं।
रिपोर्ट- ईरान होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों पर 1 डॉलर प्रति बैरल टोल लगाया
ईरान होर्मजु स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के जहाजों से हर बैरल पर 1 डॉलर टैक्स लेने की योजना बना रहा है। ईरान यह भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में चाहता है। यह खबर फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से दी है।
ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज पर नजर रखेगा और कंट्रोल करेगा। जहाजों को पहले अपने माल (कार्गो) की जानकारी देनी होगी, उसके बाद ही आगे जाने की इजाजत मिलेगी।
ईरान के अधिकारी हामिद होसैनी ने कहा कि यह इसलिए किया जा रहा है ताकि अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक दो हफ्तों में हथियारों की आवाजाही न हो सके। उन्होंने कहा कि जहाजों को जाने दिया जाएगा, लेकिन प्रोसेस में समय लग सकता है क्योंकि ईरान किसी जल्दी में नहीं है।
ईरान जंग से जुड़ी तस्वीर…

ईरान में बुधवार को लवन आइलैंड पर स्थित एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया गया।

लेबनान के बेरूत के दक्षिणी इलाके में बुधवार को इजराइली हमलों के बाद एक आदमी टूटी हुई इमारत को देखते हुए।

(Bureau Chief, Korba)




