BIG NEWS: तमिलनाडु में बड़ा सियासी उलटफेर, स्टालिन को छोड़कर TVK के साथ आई कांग्रेस, CM बनने के लिए अब AIADMK में सेंधमारी की तैयारी में थलापति

              चेन्नई: तमिलनाडु में थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई, लेकिन बहुमत से दूर है। सरकार बनाने के लिए 118 विधायक चाहिए। विजय दो सीटों पर जीते हैं, इसलिए एक सीट छोड़नी होगी, यानी TVK के पास 107 सीटें ही रहेंगी। कुल सीटें 233 हो जाएंगी, लेकिन बहुमत साबित करने का आंकड़ा 118 ही रहेगा। ऐसे में TVK को 11 विधायक और चाहिए।

              TVK के सोर्स बताते हैं कि गठबंधन के लिए दूसरी पार्टियों से बात चल रही है। 5 विधायकों वाली कांग्रेस ने विजय को समर्थन दे दिया है। पार्टी के नेताओं ने TVK हेडक्वार्टर जाकर विजय को समर्थन पत्र सौंपा। इसके लिए कांग्रेस ने DMK से 22 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया। बाकी 6 विधायकों के लिए VCK, CPI और CPM से बात हो रही है। तीनों पार्टियों के पास 2-2 विधायक हैं। इसके अलावा तीसरी बड़ी पार्टी AIADMK को तोड़ने की भी तैयारी चल रही है।

              विजय ने 5 मई को दिनभर पार्टी की कोर कमेटी के साथ मीटिंग की। DMK अलायंस तोड़ने की जिम्मेदारी उनके सबसे करीबी सलाहकार एसए चंद्र के पास है। समर्थन देने वाली पार्टियों को कौन से मंत्रालय दिए जाएंगे, इस पर भी बात हो रही है।

              TVK के सोर्स ने बताया कि कांग्रेस को 2 और बाकी पार्टियों के 3-4 मंत्री पद दिए जा सकते हैं। विजय गठबंधन सरकार चलाने पर सहमत हैं, इसलिए कोई अड़चन नहीं आएगी। वहीं, तमिलनाडु कांग्रेस के एक नेता के मुताबिक, ‘हमने समर्थन का वादा किया है। हाईकमान पहले से विजय के साथ गठबंधन चाहता था।‘

              सीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार कहते हैं कि विजय की पार्टी ने दो गठबंधनों को हराया है। 35% वोट हासिल किए हैं। दोनों में से कोई भी गठबंधन उन्हें सत्ता से बाहर रखने की कोशिश करेगा, तो TVK समर्थक उन्हें घेर लेंगे। इसलिए ऐसी गलती कोई पार्टी नहीं करना चाहेगी।

              विजय की पार्टी से चुनाव लड़े ज्यादातर नेता DMK और AIADMK के बागी या पूर्व नेता हैं।

              विजय की पार्टी से चुनाव लड़े ज्यादातर नेता DMK और AIADMK के बागी या पूर्व नेता हैं।

              सरकार बनाने की तीन और संभावनाएं हैं…

              1. AIADMK के विधायक टूट जाएं

              TVK सोर्स बताते हैं कि कुछ पार्टियों से बाहर से समर्थन मांग रहे हैं। अभी कुछ तय नहीं हुआ है। अगर राज्यपाल समर्थन पत्र मांगते भी हैं, तो दिक्कत नहीं आएगी।

              TVK विधायक संगोटे श्रीनिवासन पहले AIADMK में थे। उनसे जुड़े एक सोर्स का दावा है कि वे AIADMK के नेताओं से बात कर रहे हैं। पहले पार्टी चीफ पलानीस्वामी को मना रहे हैं। वे राजी नहीं हुए तो विधायकों से बात करेंगे। AIADMK से विधायक तोड़ने की भी कोशिश की जा सकती है।

              पॉलिटिकल एनालिस्ट राम कुमार मानते हैं कि विजय के लिए AIADMK के साथ सरकार बनाना सबसे सुरक्षित और आसान विकल्प है। VCK, CPI, CPM के पास 2-2 और DMDK के पास एक सीट हैं। ये सभी DMK की सहयोगी हैं। इसलिए विजय के साथ जाने से बचेंगी।

              2. DMK से गठबंधन मुश्किल, स्टालिन नहीं मानेंगे

              तमिलनाडु के CM रहे स्टालिन चुनाव हार गए हैं। उनके बेटे उदयनिधि जीते हैं। उदयनिधि तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं, इसलिए ऐसे कयास थे कि वे विजय को समर्थन दे सकते हैं। हालांकि DMK के सोर्स इसकी संभावना न के बराबर बता रहे हैं।

              पार्टी के एक नेता कहते हैं, ’हमारे लीडर स्टालिन को विजय की पार्टी को समर्थन देना कभी मंजूर नहीं होगा। हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है, हम अपनी भूमिका निभाएंगे।’

              पॉलिटिकल एनालिस्ट राम कुमार भी मानते हैं कि DMK के विजय को समर्थन देने की गुंजाइश बहुत कम है। विजय का पूरा प्रचार स्टालिन सरकार के भ्रष्टाचार पर फोकस था। अगर वे उन्हीं का समर्थन लेंगे, तो ये बात लोगों को हजम नहीं होगी।

              3. वोटिंग हो तो, विधायक सदन से वॉकआउट कर जाएं

              सरकार बनाने के लिए विजय को सदन में विश्वास मत हासिल करना होगा। एक संभावना ये भी है कि उस वक्त कुछ विधायक सदन में मौजूद न रहें। 30-32 विधायक हिस्सा न लें। इससे बहुमत के लिए जरूरी संख्या कम हो जाएगी। इसे ऐसे समझिए कि तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं। बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए।

              अगर फ्लोर टेस्ट के वक्त विपक्ष के 30 विधायक सदन से बाहर चले जाते हैं, तो सदन की ‘प्रभावी संख्या’ 204 रह गई। अब सरकार बचाने के लिए 103 विधायकों की जरूरत होगी। ऐसा होने पर विजय मौजूदा नंबर्स में ही सरकार बना लेंगे। अगर पार्टियों ने सभी विधायकों को मौजूद रहने का व्हिप जारी किया, तब दिक्कत हो सकती है।

              विजय की पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन फेलिक्स गेराल्ड दावा करते हैं, ‘हम सरकार बना रहे हैं। विजय 7 मई को शपथ लेंगे। सरकार बनाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी किसी की पुष्टि नहीं कर सकते।

              गवर्नर के पास दो विकल्प

              सीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार कहते हैं कि तमिलनाडु में गवर्नर के पास दो विकल्प हैं।

              पहला: विजय से 118 विधायकों का समर्थन पत्र मांगें। उन्हें सरकार बनाने के लिए बुलाएं। इसमें विजय को दिक्कत होगी। उन्हें पहले गठबंधन बनाना होगा। कम वक्त की वजह से समर्थन करने वाली पार्टियों की शर्तें माननी पड़ेंगी।

              दूसरी: गवर्नर बिना समर्थन पत्र मांगे विजय को सरकार बनाने के लिए बुला लें और शपथ ग्रहण करवा दें। ऐसे में विजय को विधायकों का समर्थन हासिल करने और सदन में बहुमत साबित करने का वक्त मिल जाएगा।


                              Hot this week

                              रायपुर : सुशासन से साकार हुआ सपना : जयकुमारी को मिला पक्का घर

                              रायपुर (BCC NEWS 24): शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को...

                              रायपुर : सुशासन तिहार -2026 : उदयपुर जनसमस्या निवारण शिविर में उमड़ा जनसैलाब

                              मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामीणों को सौंपी खुशहाली की...

                              Related Articles

                              Popular Categories