कोलकाता: बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को फेसबुक पर वीडियो मैसेज जारी कर भाजपा और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस TMC विधायकों पर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का दबाव बना रही है।
ममता ने दावा किया कि कुछ विधायकों और सांसदों को डराने-धमकाने या रिश्वत देकर TMC को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आगे कहा- जो लोग TMC छोड़कर गए हैं, उनके जाने से पार्टी का भला ही हुआ है।
ममता का वीडियो मैसेज TMC के भीतर टूट की खबरों के बीच आया है। पार्टी ने आज अपने दो विधायकों संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया है। दोनों पर पार्टी के खिलाफ बयान देने और बैठकों से दूर रहने के आरोप हैं।
वीडियो मैसेज में ममता की 4 बड़ी बातें…
- TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह चौंकाने वाला है। बेले व्यू अस्पताल के डॉक्टरों को बुलाया गया, लेकिन उन्हें इलाज नहीं करने के निर्देश दिए गए। यह कैसा अजीब और तानाशाही रवैया है?
- बेले व्यू अस्पताल के लोग पहले मेरे पैर छूते थे। आपके बिड़ला और लोढ़ा परिवारों से करीबी संबंध और कारोबारी रिश्ते थे, और आप उनके सामने झुकते थे। हमारे मेयर ने सारी व्यवस्था संभाली थी। छह महीने पहले ही हमने अपोलो अस्पताल का लाइसेंस रिन्यू किया था।
- TMC ने किसी से पैसे नहीं लिए हैं। हो सकता है कुछ लोग हालात का फायदा उठाते हों, लेकिन वे अब पार्टी छोड़ चुके हैं। उनके जाने से पार्टी का ही भला हुआ है। हम पार्टी को नए सिरे से खड़ा करेंगे।
- कई लोग लंबे समय तक सत्ता का आनंद लेते रहे। अब जब हम हार गए हैं, तो वे तुरंत दूसरी पार्टी से समझौता करते दिखाई दे रहे हैं। BJP का प्रचार गोएबल्स के प्रचार से भी बदतर है। वे TMC को तोड़ नहीं सकते।
- TMC नेताओं की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की पार्टी है। यह झूठ फैलाया जा रहा है कि पार्टी के बड़े नेता कार्यकर्ताओं का साथ नहीं दे रहे हैं। TMC कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन के लिए घरों से बाहर तक नहीं निकलने दिया जा रहा और पार्टी कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की जा रही है।
पार्टी से निकाले जाने पर संदीपन बोले- कोई पछतावा नहीं
पार्टी से निकाले जाने के बाद संदीपन साहा ने TMC पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में नैतिकता की बात करना ही एंटी-पार्टी गतिविधि माना जाता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा- नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। मैं इसके बारे में क्यों सोचूंगा?
निष्कासित विधायकों ने फर्जी साइन के आरोप लगाए थे
TMC से निकाले गए विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में शोभनदेब चट्टोपाध्याय के समर्थन में तैयार प्रस्ताव में उनके साइन फर्जी तरीके से दिखाए गए हैं।
दोनों विधायकों ने दावा किया कि 6 मई को हुई बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर कोलकाता के हरे स्ट्रीट थाने में FIR दर्ज की गई। बाद में जांच CID को सौंप दी गई। CID ने इस मामले में TMC महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को जांच में शामिल होने और प्रस्ताव की ऑरिजिनल कॉपी पेश करने के लिए नोटिस भेजा था।
CM शुभेंदु बोले- मामले में BJP का कोई रोल नहीं
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि फर्जी साइन मामले में अभिषेक बनर्जी को भेजा गए CID नोटिस में भाजपा सरकार या पार्टी का कोई दखल नहीं है। कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अधिकारी ने कहा- कुछ लोगों को यह बदले की कार्रवाई लग सकती है, लेकिन हमें ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं है।

(Bureau Chief, Korba)



