बीजिंग: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया संघर्ष के बाद अब दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो गई है। चीन की मध्यस्थता में हो रही इस वार्ता में पाकिस्तान ने तालिबान के सामने तीन मांगें रखी हैं।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को आतंकी संगठन घोषित करने, उसके पूरे नेटवर्क को खत्म करने और कार्रवाई के ठोस सबूत देने की मांग की है।
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उसकी सबसे बड़ी चिंता अफगानिस्तान की जमीन से संचालित आतंकी गतिविधियां हैं। इसी वजह से बातचीत को फिलहाल आतंकवाद और सीमा सुरक्षा तक सीमित रखा गया है।
इस वार्ता में चीन अहम भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों को एक साझा फ्रेमवर्क पर लाने की कोशिश कर रहा है। चीन ने पांच पॉइंट का फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसमें सीजफायर, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, आतंकी ठिकानों का खात्मा, सुरक्षित व्यापार मार्ग और औपचारिक बातचीत की व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं।

(Bureau Chief, Korba)




