रोम: पीएम मोदी ने आज इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं पीएम मेलोनी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल को स्वागत किया। उन्होंने जॉर्जिया मेलोनी को भारत आने का न्योता दिया।
मोदी ने कहा कि रोम को दुनिया में ‘इटरनल सिटी’ कहा जाता है। भारत में मेरी लोकसभा सीट काशी को भी इसी तरह जाना जाता है। जब दो सभ्यताएं मिलती हैं, तो बातचीत सिर्फ एजेंडे तक सीमित नहीं रहती। उसमें इतिहास की गहराई, भविष्य की झलक और दोस्ती की सादगी दिखाई देती है।”
वहीं मेलोनी ने कहा कि इटली और भारत पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। हमारे रिश्ते अब अपनी पूरी क्षमता दिखाने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। पिछले साढ़े तीन सालों में मेरी पीएम मोदी के साथ 7 मुलाकातें हुई हैं।
उन्होंने कहा कि इन बैठकों के दौरान हमने एक-दूसरे के नजरिए को गहराई से समझा है। हमने सम्मान और आपसी भरोसे से एक ईमानदार दोस्ती बनाई है।
पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
- भारत और इटली के रिश्ते अब और मजबूत होंगे। दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने का फैसला किया है।
- इटली डिजाइन और तकनीक के लिए मशहूर है, जबकि भारत अपनी प्रतिभा और सस्ते इनोवेशन के लिए जाना जाता है। दोनों देश मिलकर दुनिया के लिए काम करेंगे।
- भारत और इटली के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और इसे 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत में 400 से ज्यादा इतालवी कंपनियां काम कर रही हैं।
- पिछले साढ़े तीन साल में मुझे कई बार पीएम मेलोनी से मिलने का मौका मिला, जो दोनों देशों के लगातार मजबूत होते सहयोग को दिखाता है।
- रोम को दुनिया में एटरनल सिटी कहा जाता है, जबकि मेरी लोकसभा सीट काशी भी इसी तरह अपनी प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान के लिए जानी जाती है।
- पीएम मेलोनी को भारत-यूरोपीय यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को समर्थन देने के लिए धन्यवाद। दोनों देश इसके जल्द लागू होने पर मिलकर काम करेंगे, जिससे कारोबार को फायदा मिलेगा।
- तकनीक और इनोवेशन भारत-इटली साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत हैं। दोनों देश AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस जैसे क्षेत्रों में साथ काम करेंगे। इसके लिए भारत-इटली इनोवेशन सेंटर पर भी काम चल रहा है, जो स्टार्टअप, रिसर्च सेंटर और कारोबार को जोड़ने में मदद करेगा।
- भारत और इटली दोनों मानते हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए गंभीर खतरा है। आतंक की फंडिंग रोकने के लिए दोनों देशों की साझा पहल दुनिया के सामने एक मजबूत उदाहरण है।
- जिम्मेदार लोकतांत्रिक देश सिर्फ आतंकवाद की निंदा नहीं करते, बल्कि उसकी आर्थिक मदद करने वाले नेटवर्क को खत्म करने के लिए ठोस कदम भी उठाते हैं।
- यूक्रेन और पश्चिम एशिया के हालात पर भारत लगातार इटली के संपर्क में है और भारत का साफ मानना है कि हर समस्या का समाधान बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए।
पीएम जॉर्जिया मेलोनी के भाषण की 8 बड़ी बातें…
- पीएम मोदी और उनके प्रतिनिधिमंडल का रोम में स्वागत करना मेरे लिए सम्मान और खुशी की बात है। मुझे सच में लगता है कि यह भारत और इटली के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक दिन है।
- भारत और इटली के रिश्ते अब अपनी पूरी क्षमता हासिल करने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। दोनों देशों के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं और अब सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सही समय है।
- हमने भारत और इटली के रिश्तों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक पहुंचाने का फैसला लिया है। मेरी साढ़े तीन साल में पीएम मोदी से सात मुलाकातों ने दोनों देशों को और करीब लाया।
- हमने 2029 तक भारत और इटली के बीच व्यापार को 20 अरब यूरो तक बढ़ाने का टारगेट रखा है। हमने नई दिल्ली में इनोवेशन सेंटर बनाने का फैसला किया है, जिससे स्टार्टअप और रिसर्च सहयोग बढ़ेगा।
- भारत और इटली इस समय 2025-2029 की नई साझेदारी योजना पर साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार 2025 में करीब 16.77 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं, अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 तक इटली ने भारत में 3.66 अरब डॉलर का निवेश किया है।
- दोनों देशों के बीच एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, स्पेस, डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, एग्रीकल्चर, समुद्री परिवहन, पर्यटन और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत की जाएगी। इसके लिए कई MoU पर साइ होगा।
- भारत और इटली के डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप ने दोनों देशों के बीच डिफेंस इक्विपमेंट के जॉइंट डेवलपमेंट और प्रोडक्शन का रास्ता खोला है। समुद्री ताकत होने के कारण दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग स्वाभाविक है।
- दोनों देशों ने 2027 को ‘इटली-इंडिया ईयर ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म’ के रूप में मनाने का फैसला भी किया है, ताकि दोनों देशों की पुरानी संस्कृतियां और करीब आ सकें।
स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को समझिए
भारत और इटली ने अपने रिश्तों को अब ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया है। इसका मतलब है कि दोनों देश अब रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में पहले से ज्यादा मिलकर काम करेंगे। इससे पहले दोनों देशों के रिश्तों का दर्जा ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का था।
स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप दो देशों के बीच बहुत मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों को कहा जाता है। इसमें दोनों देश लंबे समय तक साथ काम करने की योजना बनाते हैं और बड़े मुद्दों पर एक-दूसरे का सहयोग करते हैं।
भारत पहले भी रूस, जापान, फ्रांस, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बना चुका है। अब इटली भी इस खास लिस्ट में शामिल हो गया है।
मेलोनी और मोदी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की
पीएम मोदी ने बुधवार को रोम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। यह बैठक मोदी के पांच देशों के दौरे के आखिरी चरण का हिस्सा है।
बैठक से पहले मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली के रिश्ते अब “निर्णायक दौर” में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध दोस्ती से आगे बढ़कर विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं, जो लोकतंत्र, आजादी और साझा भविष्य की सोच पर आधारित है।
बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर और इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी भी मौजूद रहे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से भी मुलाकात की।
दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, संस्कृति, एआई, स्पेस, क्रिटिकल मिनरल्स और परमाणु ऊर्जा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक हालात पर भी विचार साझा किए।

(Bureau Chief, Korba)




