पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि इस साल का बजट देश के विकसित भारत बनने के लक्ष्य को दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट किसी मजबूरी में लिया गया फैसला या ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ जैसा पल नहीं, बल्कि ‘हम तैयार हैं’ वाला पल है, जो तैयारी और आत्मविश्वास से पैदा हुआ है।
यह बजट सिर्फ 2026 का नहीं, बल्कि 21वीं सदी के दूसरे चरण की शुरुआत का बजट है। जैसे 1920 के दशक के फैसलों ने 1947 की आजादी की नींव रखी, वैसे ही आज के फैसले 2047 के विकसित भारत की नींव रखेंगे।
उन्होंने कहा कि आर्थिक ताकत और स्थिर नीतियों से भारत बेहतर शर्तों पर समझौते कर पा रहा है। भारत 38 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर काम कर रहा है। FTA का मकसद टेक्सटाइल, लेदर और अन्य सेक्टर्स के MSMEs को नए बाजार और निर्यात के अवसर देना है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में मोदी ने UPA के समय के आर्थिक मिसमैनेजमेंट की आलोचना की। उन्होंने कहा कि UPA राज में बातचीत शुरू होती थी और फिर टूट जाती थी। लंबी बातचीत के बावजूद कोई खास नतीजा नहीं निकला।
इंटरव्यू की खास बातें…
- सरकार देश की डिफेंस फोर्सेज को मजबूत बनाने के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेगी। डिफेंस बजट में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए रक्षा क्षेत्र का आधुनिकीकरण सरकार की जिम्मेदारी है।भारत को हर समय मजबूत और तैयार रहना होगा, और हम यही कर रहे हैं। सरकार अपने सैनिकों की भलाई को लेकर बहुत सेंसिटिव है।
- सुधार सरकार का कमिटमेंट है, जिसे उसने पूरी तरह से दिखाया है। आर्थिक बदलाव के अगले फेज के लिए प्राइवेट सेक्टर बहुत जरूरी है। प्राइवेट सेक्टर को मार्जिन बचाने पर कम ध्यान देना चाहिए और R&D सप्लाई चेन, क्वालिटी में तेज़ी से इन्वेस्ट करना चाहिए।
- विकसित भारत की अगली छलांग प्राइवेट सेक्टर द्वारा इनोवेशन, लॉन्ग-टर्म कैपेसिटी, ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस में बड़े इन्वेस्टमेंट पर निर्भर करेगी। जैसे-जैसे प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, प्राइवेट सेक्टर के मालिकों को अपने फायदे वर्कर्स के साथ सही तरीके से शेयर करने चाहिए।
- भारत दुनिया में एक डिजिटल लीडर है, जो UPI प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों के लेन-देन के तरीके में बड़े सुधारों से मुमकिन हुआ है। डेटा सेंटर हमारे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर जॉब क्रिएटर होंगे। हम पूरी दुनिया का डेटा भारत में आने के लिए बुलाते हैं। भारत कंप्यूटिंग पावर और डेटा सेंटर इंफ्रा कैपेसिटी को बढ़ाकर एक बढ़ते AI इकोसिस्टम की नींव रख रहा है। जबकि रिफॉर्म एक्सप्रेस ने बहुत बड़ी तरक्की की है। अगले दशक के लिए स्ट्रक्चरल रिफॉर्म, डीप इनोवेशन और आसान गवर्नेंस तीन रिफॉर्म प्रायोरिटी हैं।
- मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि महिलाओं की भलाई हमारी सरकार के हर फैसले को गाइड करती है। मेरा मानना है कि विकसित भारत बनाने में महिलाएं सबसे अहम भूमिका निभाएंगी।
- FY26-27 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपेक्स 2013 के लेवल से पांच गुना ज्यादा है, जिसमें शॉर्ट-टर्म पॉपुलिज्म के बजाय प्रोडक्टिव खर्च को प्रायोरिटी दी गई है।

(Bureau Chief, Korba)




