इस्लामाबाद: जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने गंभीर चेतावनी दी है।
पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा है कि अगर इमरान खान को तुरंत और सही इलाज नहीं मिला, तो उनकी एक आंख की रोशनी स्थायी रूप से जा सकती है और वे अंधे भी हो सकते हैं।
PTI के मुताबिक इमरान खान की दाहिनी आंख में सेंट्रल रेटिनल वेन ओक्लूजन (CRVO) नाम की बीमारी पाई गई है। जेल में डॉक्टरों की जांच में इस बीमारी को बेहद गंभीर और संवेदनशील बताया गया है।
पार्टी ने कहा कि मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय में सही इलाज नहीं मिलने पर इमरान की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है।

इमरान खान को अगस्त 2023 में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वे तब से जेल में बंद हैं। (फाइल फोटो)
आरोप- प्रशासन जेल के अंदर इलाज कराने पर अड़ा
पाकिस्तानी अखबार DAWN की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी का आरोप है कि मेडिकल सलाह के बावजूद रावलपिंडी की अडियाला जेल का प्रशासन इमरान खान का इलाज जेल के अंदर ही कराने पर अड़ा हुआ है।
PTI ने डॉक्टरों के हवाले से कहा है कि इस बीमारी के इलाज के लिए ऑपरेशन थिएटर और विशेष सुविधाओं की जरूरत होती है, जो अडियाला जेल में उपलब्ध नहीं हैं।
पार्टी ने मांग की है कि इमरान खान को उनकी पसंद के किसी बड़े अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। पार्टी ने विशेष तौर पर शौकत खानम अस्पताल या किसी अन्य अच्छेे अस्पताल में इलाज कराने की बात कही है।
साथ ही परिवार और करीबी लोगों से बिना रोक-टोक मिलने की अनुमति देने की मांग भी की गई है।

पिछले साल 2 दिसंबर को आखिरी बार इमरान की बहन उज्मा खान ने उनसे जेल में मुलाकात की थी। इमरान से मिलने के बाद उज्मा ने मीडिया से बात की थी।
क्या है CRVO जिससे आंखों की रोशनी जा सकती है
सेंट्रल रेटिनल वेन ओक्लूजन (CRVO) आंख की एक गंभीर बीमारी है। इसमें आंख के अंदर मौजूद रेटिना से खून बाहर ले जाने वाली मुख्य नस में ब्लॉकेज हो जाता है। रेटिना आंख का वह हिस्सा है, जो देखने का काम करता है।
नस बंद होने के बाद खून रेटिना में जमा होने लगता है। इससे सूजन आती है और खून का रिसाव भी हो सकता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो रेटिना को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, CRVO में आंखों की रोशनी जाने का खतरा तब ज्यादा होता है, जब इलाज में देरी हो जाए। खासतौर पर अगर ब्लॉकेज पूरी तरह हो, रेटिना में ज्यादा सूजन आ जाए या बार-बार खून का रिसाव होने लगे।
इसके लक्षणों में अचानक धुंधला दिखना, आंख के सामने काले धब्बे नजर आना या एक आंख से कम दिखना शामिल है। कई मामलों में अगर 24 से 72 घंटे के भीतर इलाज नहीं मिला, तो नुकसान स्थायी हो सकता है।
CRVO होने पर तुरंत इलाज जरूरी
CRVO का इलाज सामान्य दवाओं या छोटे क्लिनिक में संभव नहीं होता। इसके लिए तुरंत रेटिना स्पेशलिस्ट की जरूरत पड़ती है। इलाज के दौरान आंख के अंदर सूजन कम करने के लिए विशेष इंजेक्शन दिए जाते हैं। कुछ मामलों में लेजर ट्रीटमेंट भी करना पड़ता है।
इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों को कंट्रोल करना भी जरूरी होता है, क्योंकि ये ब्लॉकेज की बड़ी वजह मानी जाती हैं।
इस बीमारी के इलाज के लिए ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं, स्टरल माहौल और अनुभवी विशेषज्ञ जरूरी होते हैं। सीमित मेडिकल सुविधाओं वाली जगहों पर इसका पूरा और सुरक्षित इलाज मुश्किल माना जाता है।
परिवार को इमरान की हालत का जानकारी नहीं
इमरान खान की बहनों ने अडियाला जेल के बाहर कहा कि परिवार को उनकी आंख की बीमारी को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर स्थिति इतनी गंभीर है, तो परिवार को पहले क्यों नहीं बताया गया।
PTI का दावा है कि इमरान खान की आखिरी मुलाकात उनके निजी डॉक्टर से अक्टूबर 2024 में हुई थी। इसके बाद किसी भी तरह की नियमित मेडिकल जांच की अनुमति नहीं दी गई, जबकि इस संबंध में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने निर्देश दिए हैं।
PTI ने इसे अदालत के आदेशों का खुला उल्लंघन और मानवाधिकारों का गंभीर हनन बताया है। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक दुश्मनी के चलते सरकार एक कैदी की सेहत और जान के साथ जोखिम उठा रही है।

इमरान खान की तीनों बहनों ने दिसंबर में उनसे मुलाकात के लिए जेल के बाहर धरना दिया था।
इमरान खान 3 साल से जेल में बंद हैं
इमरान खान पर 100 से ज्यादा केस चल रहे हैं और वे अगस्त 2023 से जेल में हैं। भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसमें सरकारी गिफ्ट (तोशाखाना केस) बेचने और सरकारी सीक्रेट लीक करने जैसे आरोप शामिल हैं।
इमरान पर आरोप है कि उन्होंने अल-कादिर ट्रस्ट के लिए पाकिस्तान सरकार की अरबों रुपए की जमीन सस्ते में बेच दिया था। इस मामले में इमरान को 9 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पूरे मुल्क में फौज के कई अहम ठिकानों पर हमले हुए थे।
पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने अल-कादिर ट्रस्ट केस में दिसंबर 2023 में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी और अन्य 6 व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया था। हालांकि जब इमरान के खिलाफ ये केस दर्ज हुआ, उससे पहले से ही वे तोशाखाना केस में अडियाला जेल में बंद थे।

(Bureau Chief, Korba)





