Sunday, January 11, 2026

              बड़ी खबर: ताइवान को लेकर चीन-जापान के बीच भारी तनाव, जापानी PM बोलीं- हमला हुआ तो सेना भेजेंगे; चीनी राजदूत बोले- दखल देने वालों की गर्दन काट देंगे

              बीजिंग/टोक्यो: जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची के ताइवान पर दिए बयान से चीन और जापान के बीच तनाव बढ़ गया है। दरअसल साने ताकाइची ने 7 नंवबर को कहा था कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो जापान मदद के लिए अपनी सेना भेजेगा।

              चीन ने इस बयान को बेहद गैर-जिम्मेदार और उकसाने वाला करार दिया। इसके अगले ही दिन विवाद और बढ़ गया जब ओसाका में चीन के काउंसल जनरल शुए जियान ने एक्स पर लिखा कि वह इस मामले में दखल देने वाले की गर्दन काट देंगे।

              इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूतों को तलब किया। चीन ने अपने नागरिकों को जापान न जाने के लिए आगाह किया है और चेतावनी दी है कि वहां जाने पर उन्हें खतरे का सामना करना पड़ सकता है।

              PM साने ताकाइची ने जापानी संसद में 7 नवंबर को दिए अपने पहले ही संबोधन में ताइवान का समर्थन किया था।

              PM साने ताकाइची ने जापानी संसद में 7 नवंबर को दिए अपने पहले ही संबोधन में ताइवान का समर्थन किया था।

              अमेरिका बोला- जापान की रक्षा करेंगे

              बिगड़ते माहौल के बीच, रविवार को चीनी कोस्ट गार्ड के जहाज जापान के कंट्रोल वाले सेनकाकू आइलैंड के पास दिखाई दिए थे। इसके बाद जापान के कोस्ट गार्ड ने उन्हें इलाके से बाहर किया था।

              अमेरिका ने क्लियर किया कि जापान-अमेरिका सुरक्षा समझौते के तहत अगर इन द्वीपों पर हमला होता है, तो अमेरिका जापान की रक्षा करेगा।

              वहीं, चीन के फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कुछ जापानी फिल्मों की रिलीज रोक दी है। चीनी सरकारी टीवी CCTV ने कहा कि यह घरेलू माहौल को देखते हुए यह फैसला सावधानी से लिया गया है।

              चीन से जापान की 5 लाख फ्लाइट टिकटें कैंसिल

              चीन और जापान के बीच बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर अब हवाई यात्राओं पर दिख रहा है। बीजिंग की ओर से नागरिकों को जापान न जाने की सलाह देने के बाद चीन से जापान की करीब 5 लाख फ्लाइट टिकटें रद्द हो गई हैं। यह संख्या कुल बुकिंग्स का लगभग 32% है।

              एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रविवार को टिकट कैंसिलेशन की संख्या नई बुकिंग्स से 27 गुना ज्यादा थी। 2020 में कोविड की शुरुआत के बाद पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में टिकटें रद्द हुई हैं।

              सबसे ज्यादा कैंसिलेशन शंघाई-टोक्यो और शंघाई-ओसाका रूट पर हुए हैं। एयरलाइंस का अनुमान है कि रिफंड की वजह से अरबों युआन का नुकसान हो सकता है, क्योंकि लगभग 70% टिकटें राउंड-ट्रिप थीं।

              चीनी मीडिया बोला- ताइवान मुद्दे में जापान बेवजह दखल दे रहा

              चीन के सरकारी मीडिया का कहना है कि जापान ताइवान मुद्दे में बेवजह दखल दे रहा है और ऐसा करके खुद अपने देश को खतरे में डाल रहा है। एक न्यूज एडिटोरियल में यह भी लिखा गया कि अगर जापान की सेना ने इस मामले में दखल दिया तो पूरे क्षेत्र को नुकसान झेलना पड़ेगा।

              चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि जापान और अमेरिका ताइवान को स्वतंत्र देश की तरह मान्यता तो नहीं देते, लेकिन अमेरिका उसकी सुरक्षा में मदद करता है और उस पर किसी भी जबरन कब्जे का विरोध करता है।

              ताइवान जापान से सिर्फ 110 किलोमीटर दूर है। ताइवान के आसपास का समुद्री क्षेत्र जापान के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह उसका एक महत्त्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग है। साथ ही, जापान में दुनिया में सबसे बड़ा अमेरिकी सेना का विदेशी ठिकाना भी मौजूद है।

              चीन-जापानी ने सुरक्षा एडवाइजरी जारी की

              जापानी सरकार ने चीन में रह रहे अपने नागरिकों को भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने को कहा है। जापान के कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने बताया कि हाल के डिप्लोमेटिक विवादों के बाद चीनी मीडिया में जापान को लेकर माहौल खराब हुआ है, इसलिए यह नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

              जापान के सुरक्षा अलर्ट में कहा गया है कि अनजान लोगों से बातचीत में सावधानी बरतें, अकेले ट्रैवल न करें, बच्चों के साथ बाहर जाते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध इंसान या ग्रुप को देखकर तुरंत दूर चले जाएं।

              वहीं, चीन ने भी रविवार को जापान पढ़ने जाने वाले चीनी छात्रों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। चीन का कहना है कि जापान में इन दिनों सुरक्षा स्थिति ठीक नहीं है और वहां रहने वाले चीनी नागरिकों के लिए खतरा बढ़ गया है।

              चीन के मुताबिक, जापान में हाल ही में अपराध बढ़े हैं और चीनी छात्रों के लिए माहौल पहले जैसा सुरक्षित नहीं रहा।

              चीन-जापान में सेनकाकू आइलैंड काे लेकर विवाद

              जापान के दक्षिण पश्चिम इलाके में ही सेनकाकू या डियाओयू आइलैंड है। यही चीन के साथ जापान के विवाद की वजह है। फिलहाल यहां जापान का कब्जा है, लेकिन चीन पर इस पर अपना दावा करता है।

              यह दक्षिण चीन सागर के पास है। इस आइलैंड के पास 12 मील का इंटरनेशनल एयर रूट भी है। हालांकि, चीन इसे नहीं मानता और अक्सर जापान के एयर स्पेस में घुस आता है। इसे देखते हुए जापानी एयरफोर्स को हमेशा अलर्ट रहना होता है।


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