Saturday, January 10, 2026

              BIG NEWS: अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- वेनेजुएला से 5 करोड़ बैरल तेल लेंगे, कमाई पर भी मेरा कंट्रोल रहेगा, इससे दोनों देशों को फायदा होगा

              वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल प्रतिबंधित तेल सौंपेगी। ट्रम्प ने बताया कि यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा। इससे मिलने वाली रकम पर ट्रम्प का कंट्रोल रहेगा।

              5 करोड़ बैरल कच्चे तेल की कीमत वर्तमान में करीब 25 हजार करोड़ रुपए है। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक इसका इस्तेमाल वेनेजुएला और अमेरिका के लोगों के हित में किया जाएगा।

              ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को इस योजना को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। तेल को स्टोरेज जहाजों के जरिए सीधे अमेरिका के बंदरगाहों तक लाया जाएगा।

              गौरतलब है कि 2 जनवरी को अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया। इसके बाद ट्रम्प ने वहां उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाने के लिए समर्थन दिया था।

              डेल्सी रोड्रिग्ज ने नेशनल असेंबली की बैठक के दौरान वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली।

              डेल्सी रोड्रिग्ज ने नेशनल असेंबली की बैठक के दौरान वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली।

              वेनेजुएला के तेल सेक्टर में निवेश करेगा अमेरिका

              मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला के खराब हो चुके तेल ढांचे को ठीक करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करेंगी। इससे वेनेजुएला को दोबारा तेल उत्पादन से कमाई शुरू करने में मदद मिलेगी।

              फ्लोरिडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अब तेल बेचने के कारोबार में है और अन्य देशों को भी तेल सप्लाई करेगा। उन्होंने कहा कि खराब ढांचे की वजह से वेनेजुएला खुद ज्यादा तेल नहीं निकाल पा रहा था।

              इससे पहले ट्रम्प ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में यह कहा था कि हमें डेल्सी रोड्रिग्ज के जरिए वेनेजुएला तक पूरी पहुंच चाहिए। ट्रम्प ने वेनेजुएला को मरा हुआ देश बताते हुए कहा कि उसे दोबारा खड़ा करना जरूरी है। उन्होंने कहा-

              हमें तेल और देश की दूसरी चीजों तक पूरी पहुंच चाहिए, ताकि हम वेनेजुएला को दोबारा खड़ा कर सकें।

              ट्रम्प ने तेल कंपनियों में बड़े निवेश से बुनियादी ढांचे को फिर से तैयार करने की बात कही।

              ट्रम्प ने तेल कंपनियों में बड़े निवेश से बुनियादी ढांचे को फिर से तैयार करने की बात कही।

              तेल कंपनियों को लेकर अमेरिका-वेनेजुएला के बीच विवाद

              ट्रम्प का दावा है कि वेनेजुएला ने अमेरिकी कंपनियों के तेल अधिकार अवैध रूप से छीन लिए थे। दरअसल, 1976 में वेनेजुएला की सरकार ने (राष्ट्रपति कार्लोस आंद्रेस पेरेज के समय) पूरे तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर दिया।

              इसका मतलब था कि विदेशी तेल कंपनियां (ज्यादातर अमेरिकी, जैसे एक्सॉन, गल्फ ऑयल, मोबिल आदि) जो दशकों से वहां तेल निकाल रही थीं, उनके सभी ऑपरेशंस और संपत्तियां वेनेजुएला की नई सरकारी कंपनी पेट्रोलियोस डे वेनेजुएला (PDVSA) के पास चली गईं।

              यह राष्ट्रीयकरण कानूनी तरीके से हुआ और कंपनियों को मुआवजा भी दिया गया, हालांकि कुछ कंपनियां इससे खुश नहीं थीं। उस समय अमेरिकी कंपनियों ने वेनेजुएला में तेल उद्योग को विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाई थी, इसलिए कुछ लोग इसे अभी भी अमेरिकी संपत्ति कहते हैं।

              अमेरिका ने 10 दिसंबर को वेनेजुएला के एक बहुत बड़े क्रूड ऑयल टैंकर को स्पेशल ऑपरेशन के बाद जब्त कर लिया था।

              अमेरिका ने 10 दिसंबर को वेनेजुएला के एक बहुत बड़े क्रूड ऑयल टैंकर को स्पेशल ऑपरेशन के बाद जब्त कर लिया था।

              ट्रम्प ने मादुरो को वेनेजुएला की सत्ता से हटाया

              अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया है। 2 जनवरी की रात अमेरिकी सैनिकों ने ऑपरेशन चलाकर मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया था। इसके साथ ही वेनेजुएला में मादुरो का शासन समाप्त हो गया।

              अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस कार्रवाई को वेनेजुएला में “लोकतंत्र बहाल करने की दिशा में जरूरी कदम” बताया है। ट्रम्प प्रशासन का दावा है कि मादुरो लंबे समय से ड्रग्स और हथियार तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।

              अमेरिकी कार्रवाई के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क लाया गया, जहां उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। उन पर अमेरिका में हथियारों और ड्रग्स की तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

              मामले में मादुरो की पत्नी सीलिया फ्लोरेस को भी आरोपी बनाया गया है। अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि फ्लोरेस पर अपहरण और हत्याओं के आदेश देने के आरोप हैं। इस कार्रवाई के बाद लैटिन अमेरिकी देशों में तनाव भी बढ़ गया है।


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