वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को चलाएगा और उसके विशाल तेल भंडार से सालों तक तेल निकालेगा। न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने बताया कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार “जो भी जरूरी है, वह सब दे रही है।”
जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका कितने समय तक वेनेजुएला पर सीधा कंट्रोल रखेगा। क्या यह तीन महीने होगा? छह महीने? एक साल? या उससे भी अधिक? इसपर उन्होंने कहा, ‘यह तो समय ही बताएगा, लेकिन यह काफी लंबा समय होगा, शायद सालों तक।’
ट्रम्प ने वेनेजुएला में चुनाव कब होंगे, इस पर कोई जानकारी नहीं दी। अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को लेकर भी ट्रम्प ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। ट्रम्प ने कहा, “मैं आपको यह नहीं बता सकता।”
ट्रम्प ने कहा कि वह भविष्य में वेनेजुएला की यात्रा करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि ऐसा समय जल्द आएगा जब मेरा वहां जाना सुरक्षित हो जाएगा।”
विदेश मंत्री बोले- वेनेजुएला के तेल को अनिश्चित काल तक कंट्रोल में रखेंगे
ट्रम्प से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल की बिक्री को अनिश्चित काल तक अपने कंट्रोल में रखेगा।
रिपब्लिकन सांसदों ने ज्यादातर इस कदम का समर्थन किया है, लेकिन डेमोक्रेट्स ने चेतावनी दी है कि बिना स्पष्ट कानूनी अधिकार के अमेरिका एक लंबे अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की ओर बढ़ रहा है।
इंटरव्यू में ट्रम्प ने मादुरो की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को वेनेजुएला की नई नेता मानने के सवाल का जवाब नहीं दिया, जबकि विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो, जिनकी पार्टी ने 2024 के चुनाव में जीत हासिल की थी और हाल ही में नोबेल शांति पुरस्कार जीता, को समर्थन नहीं देने का कारण भी नहीं बताया।
ट्रम्प बोले- रोड्रिगेज के साथ बातचीत कर रहे हैं
ट्रम्प ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि उन्होंने मादुरो की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को वेनेजुएला की नई नेता के रूप में मान्यता क्यों दी। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने रोड्रिगेज से बात की है, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
ट्रम्प ने कहा कि विदेश मंत्री रुबियो लगातार उनके संपर्क में हैं। मैं आपको बता दूं कि हम उनके और प्रशासन के साथ बातचीत कर रहे हैं।
ट्रम्प ने यह भी नहीं बताया कि अमेरिका ने विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो का समर्थन क्यों नहीं किया, जबकि उनकी पार्टी ने 2024 में निकोलस मादुरो के खिलाफ चुनावी जीत का दावा किया था और हाल ही में नोबेल शांति पुरस्कार भी जीता।

बुधवार को वेनेजुएला की राजधानी कराकस में मादुरो सरकार के समर्थकों ने प्रदर्शन किया।
बीच इंटरव्यू में ट्रम्प ने कोलंबिया के राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की
इंटरव्यू के दौरान ट्रम्प ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का फोन भी उठाया। यह बातचीत करीब एक घंटे चली।
इसके बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पेट्रो ने कोलंबिया से निकलने वाले ड्रग्स की स्थिति पर सफाई दी है और उन्हें वॉशिंगटन आने का न्योता दिया गया है।

इंटरव्यू के दौरान ट्रम्प को कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के कॉल की जानकारी दी गई।
ट्रम्प बोले- वेनेजुएला के खिलाफ ऑपरेशन की खुद निगरानी कर थे
ट्रम्प ने ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व की भी चर्चा की, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि वह खुद इसकी निगरानी कर रहे थे।
इस ऑपरेशन के तहत कमांडो दिन-रात प्रैक्टिस करते। स्टील के दरवाजे तोड़ने की स्पीड बढ़ाते, अंधेरे में नेविगेट करना सीखते, और हर संभावित खतरे का सामना करने की तैयारी करते।
इस ऑपरेशन में करीब 70 वेनेजुएलाई और क्यूबाई मारे गए। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें डर था कि यह ऑपरेशन 1980 में ईरान में 52 अमेरिकी नागरिकों को छुड़ाने की नाकाम कोशिश जैसा न हो जाए।
उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी से भी की और कहा कि उनका ऑपरेशन सफल रहा।
ट्रम्प बोले- वेनेजुएला से 30 से 50 मिलियन बैरल कच्चा तेल खरीदेंगे
ट्रम्प ने मंगलवार रात की अपनी उस घोषणा का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला से 30 से 50 मिलियन बैरल भारी कच्चा तेल खरीदेगा।
ट्रम्प ने बताया कि वह अमेरिकी तेल कंपनियों से वेनेजुएला में निवेश पर बात कर रहे हैं, लेकिन कई कंपनियां सतर्क हैं। उन्हें डर है कि भविष्य में सत्ता परिवर्तन या स्थानीय सैन्य ढांचा उनके निवेश को खतरे में डाल सकता है।
उन्होंने उस प्रक्रिया के लिए कोई समय सीमा नहीं बताई। उन्होंने कहा, “तेल आने में थोड़ा समय लगेगा।”
तेल कंपनियों को लेकर अमेरिका-वेनेजुएला के बीच विवाद
ट्रम्प का दावा है कि वेनेजुएला ने अमेरिकी कंपनियों के तेल अधिकार अवैध रूप से छीन लिए थे। दरअसल, 1976 में वेनेजुएला की सरकार ने (राष्ट्रपति कार्लोस आंद्रेस पेरेज के समय) पूरे तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर दिया।
इसका मतलब था कि विदेशी तेल कंपनियां (ज्यादातर अमेरिकी, जैसे एक्सॉन, गल्फ ऑयल, मोबिल आदि) जो दशकों से वहां तेल निकाल रही थीं, उनके सभी ऑपरेशंस और संपत्तियां वेनेजुएला की नई सरकारी कंपनी पेट्रोलियोस डे वेनेजुएला (PDVSA) के पास चली गईं।
यह राष्ट्रीयकरण कानूनी तरीके से हुआ और कंपनियों को मुआवजा भी दिया गया, हालांकि कुछ कंपनियां इससे खुश नहीं थीं। उस समय अमेरिकी कंपनियों ने वेनेजुएला में तेल उद्योग को विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाई थी, इसलिए कुछ लोग इसे अभी भी अमेरिकी संपत्ति कहते हैं।
ट्रम्प ने मादुरो को वेनेजुएला की सत्ता से हटाया
अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया है। 2 जनवरी की रात अमेरिकी सैनिकों ने ऑपरेशन चलाकर मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया था। इसके साथ ही वेनेजुएला में मादुरो का शासन समाप्त हो गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस कार्रवाई को वेनेजुएला में “लोकतंत्र बहाल करने की दिशा में जरूरी कदम” बताया है। ट्रम्प प्रशासन का दावा है कि मादुरो लंबे समय से ड्रग्स और हथियार तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।

(Bureau Chief, Korba)




