पटना: यूपी के झांसी के बाद बिहार ज्वेलर्स एसोसिएशन ने बुधवार यानी 7 जनवरी को सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बिहार की सभी ज्वेलरी शॉप में अब हिजाब, नकाब या घूंघट पहनकर आने वालों को सोने-चांदी की दुकानों में एंट्री नहीं दी जाएगी।
इसके साथ ही हेलमेट, मुरेठा पहनकर आने वाले पुरुषों की भी एंट्री बैन की गई है। इसकी कॉपी ज्वेलरी शॉप के बाहर लगाई जा रही है। इस पर साफ लिखा है कि मास्क, बुर्का, हेलमेट और नकाब पहनकर दुकान में आना मना है।
इस फैसले पर विवाद भी शुरू हो गया है। राजद का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर हिजाब और नकाब को निशाना बनाना गलत है। बीजेपी ने राजद को जवाब देते हुए कहा- ये भारत है इस्लामिक कंट्री नहीं। यहां हिजाब का क्या काम है।
अब ज्वेलरी शॉप से आई तस्वीरें देखिए…

पटना में ज्वेलरी शॉप के गेट पर इस तरह के पोस्टर लगाए गए हैं।

दुकानों के गेट पर लगे पोस्टर में लिखा है- मास्क, हेलमेट, बुर्का और नकाब पहनकर आना मना है।

पटना के ज्वेलरी दुकानदारों ने इस फैसले को बिल्कुल सही बताया है।
ज्वेलर्स बोले- ये फैसला किसी समुदाय के खिलाफ नहीं
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि यह कदम किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। बीते कुछ समय से बिहार के अलग-अलग जिलों में सर्राफा दुकानों में लूट और चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
कई मामलों में अपराधी पहचान छिपाने के लिए चेहरे ढककर दुकान में घुसते हैं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में दुकानदारों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्राहकों की जान-माल की रक्षा भी एक बड़ी चुनौती बन गई है।
ऑल इंडिया गोल्ड एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने बताया, ‘सर्राफा कारोबार हमेशा से अपराधियों के निशाने पर रहा है। हमने यह निर्णय पूरी तरह से सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया है।
आए दिन दुकानों में लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं। चेहरे ढके होने के कारण अपराधियों की पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता है। इसी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।’
अब जानिए फैसले पर अलग-अलग शहरों के ज्वेलर्स का क्या कहना है
- गयाजी: ज्वेलर नीरज कुमार वर्मा ने कहा कि, सिर्फ बुर्का ही नहीं हेलमेट या मास्क को भी हटाने पर कोई एतराज नहीं होना चाहिए। इसी में हमारी सुरक्षा है। अगर पुलिस भी कल पहचान पूछेगी, तो हम क्या कहेंगे। सभी की सुरक्षा के लिए ये फैसला सही है।
- कटिहार: कल्याण ज्वेलर्स के मालिक मो.अशफाक ने कहा, बिहार ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा लिए गए निर्णय से हम पूरी तरह सहमत हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह फैसला बिल्कुल सही है। हमने अभी ऐसा नोटिस नहीं लगाया है, लेकिन सभी स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड के द्वारा इन बातों पर पूरी तरह ध्यान रखा जाता है।
- समस्तीपुर: स्वर्ण वाटिका ज्वेलरी शॉप के मालिक कंधार अनिल कुमार ने बताया कि, सुरक्षा के दृष्टिकोण से सरकार का यह निर्णय सही है। चोरी की घटनाओं में खुलासा नहीं हो पता है, लेकिन कारोबार की दृष्टि से इस पर सरकार को सोचना चाहिए, इससे कारोबार पर असर पड़ेगा।
- मुजफ्फरपुर: ज्वेलर पवन कुमार ने बताया कि यह नियम सुरक्षा के दृष्टिकोण से सही है, हिजाब में कौन आ रहा है। यह सीसीटीवी कैमरे में क्लियर नहीं होता है। हालांकि, जिले में संघ की ओर से अभी कोई निर्देश नहीं मिला है। संघ की बैठक में जो निर्णय लिया जाएगा। उसका पालन किया जाएगा।
- मधुबनी: जिला स्वर्ण व्यवसाई संघ ने हिजाब पहनकर ज्वेलर्स दुकान में नहीं आने के निर्णय का स्वागत किया है। मां अंबे ज्वेलर्स के मालिक टिंकू कसेरा ने कहा कि जल्द ही मधुबनी जिले के सर्राफा कारोबारी अपने दुकानों पर इसका बोर्ड भी लगाएगा।
शिवहर और नालंदा में फैसले का विरोध
- शिवहर: न्यू अलंकर ज्वेलर्स ने फैसले पर आपत्ति जताई है। शॉप के ऑनर मनोज कुमार सोनी ने कहा कि व्यापार में धर्म या पहनावे का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। हमारे लिए हर कस्टमर भगवान के समान हैं। ग्राहक किसी भी धर्म, समुदाय या पहनावे का हो, हम सभी का समान रूप से सम्मान करते हैं। व्यापार में भेदभाव का कोई स्थान नहीं है और हम इस फैसले का विरोध करते हैं। बिहार ज्वेलर्स एसोसिएशन को अपने फैसले पर फिर से सोचना चाहिए।
- नालंदा: गोवर्धन लाल रस्तोगी ज्वेलर्स ने भी फैसले का विरोध किया है। ऑनर मनोज कुमार रस्तोगी ने कहा कि,अभी तक मझे ऑफिशियल जानकारी नहीं मिली है, लेकिन ऐसा कुछ है तो मैं इसके खिलाफ हूं। आप अपनी सुरक्षा खुद करें।
फैसले पर पॉलिटिकल रिएक्शन जानिए
राजद बोली- सुरक्षा के नाम पर हिजाब और नकाब को निशाना बनाया जा रहा
राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस फैसले पर कहा कि यह कदम भारत के संविधान और संवैधानिक परंपराओं के पूरी तरह खिलाफ है। सुरक्षा के नाम पर हिजाब और नकाब को निशाना बनाना न केवल गलत है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई भी है। इस तरह के फैसले संविधान के अंतर्गत नागरिकों को मिले धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों को छीनने की साजिश का हिस्सा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की साजिश में पहले से ही भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग सक्रिय हैं और अब कुछ ज्वेलरी दुकानदार उसी एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा के नाम पर किसी विशेष धार्मिक पहचान को निशाना बनाना किसी भी सूरत में उचित नहीं है।
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कहा कि, देश में पहले से ही अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है और अब निजी दुकानों के जरिए धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था की आड़ में किसी समुदाय या धार्मिक प्रतीक को प्रतिबंधित करना संवैधानिक रूप से अस्वीकार्य है। ज्वेलरी दुकानदार तत्काल इस फैसले को वापस लें।

(Bureau Chief, Korba)




