बिलासपुर : एनटीपीसी सीपत ने हर्षोल्लास के साथ मनाया 24वां स्थापना दिवस

              बिलासपुर (BCC NEWS 24): एनटीपीसी सीपत ने अपना 24वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाते हुए जिम्मेदार, विश्वसनीय एवं सतत विद्युत उत्पादन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया। समारोह का शुभारंभ सीआईएसएफ जवानों द्वारा दिए गए गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ, जिसके पश्चात् परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी सीपत, श्री स्वपन कुमार मंडल द्वारा एनटीपीसी ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर एनटीपीसी गीत का सामूहिक गायन तथा केक कटिंग समारोह भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री स्वपन कुमार मंडल ने कहा कि राज्य के सबसे बड़े विद्युत उत्पादक के रूप में एनटीपीसी सीपत देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

              उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए एनटीपीसी सीपत के सुदृढ़ परिचालन प्रदर्शन पर प्रकाश डाला तथा विभिन्न विभागों के योगदान की सराहना की। साथ ही, उन्होंने जानकारी दी कि निर्माणाधीन 800 मेगावाट की आगामी परियोजना का कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। एनटीपीसी सीपत की यात्रा को स्मरण करते हुए श्री मंडल ने बताया कि स्टेशन में सुपरक्रिटिकल तकनीक आधारित 660 मेगावाट की तीन इकाइयां संचालित हैं तथा यहां देश की पहली 765 केवी ट्रांसमिशन प्रणाली भी स्थापित है। कुल 2980 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ-साथ 800 मेगावाट की अतिरिक्त परियोजना एवं 26 मेगावाट की सौर परियोजना निर्माणाधीन है। ये सभी उपलब्धियां टीम सीपत के सामूहिक समर्पण और टीमवर्क का परिणाम हैं।

              उन्होंने यह भी दोहराया कि एनटीपीसी सीपत की भूमिका केवल विद्युत उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि निरंतर सीएसआर पहलों के माध्यम से सामुदायिक विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सभी महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्ष, कर्मचारीगण, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा सीआईएसएफ के अधिकारी उपस्थित रहे। 


                              Hot this week

                              रायपुर : रफ्तार और शक्ति का महासंग्राम

                              बस्तर की धरा पर संपन्न हुई खेलो इंडिया एथलेटिक्स...

                              रायपुर : लैलूंगा की पहचान बना ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल

                              देशभर में बढ़ रही मांग, बेंगलुरु से कारगिल तक...

                              Related Articles

                              Popular Categories