टोक्यो: जापान में आओमोरी प्रान्त के पास सोमवार को 7.5 तीव्रता का भूंकप आया। पहले इसकी तीव्रता 7.6 बताई गई थी। भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक रात 11:15 बजे आया। जापान टाइम्स के मुताबिक भूकंप में 30 लोग घायल हो गए हैं।
जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने आओमोरी, इवाते और होक्काइडो प्रान्तों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की थी। कुछ घंटे बाद ये चेतावनी वापस ले ली गई है। भूकंप से कई घरों को नुकसान पहुंचा हैं। सड़कें धंस गई, जिसके कारण कई गाड़ियां फंस गईं।
एजेंसी ने होक्काइडो से चिबा तक उत्तर-पूर्वी तट पर 8 तीव्रता के और भूकंप आने की चेतावनी दी है। एजेंसी ने निवासियों से आने वाले सप्ताह में सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है।
भूकंप का केंद्र जापान के तट से 70 किमी दूर समुद्र में 50 किमी की गहराई में था। भूकंप के बाद आओमोरी प्रांत में 2,700 घरों में बिजली गुल हो गई है। आओमोरी शहर में आग लगने की 2 घटनाएं हुई हैं।
भूकंप से जुड़ी 8 तस्वीरें…

जापान में आओमोरी प्रान्त के पास सोमवार को 7.5 तीव्रता का भूंकप आया। भूकंप के कारण सड़क धंस गई।

सोमवार रात को 7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद, आओमोरी प्रान्त के तोहोकू शहर में मंगलवार को एक कार सड़क के धंस जाने के कारण फंस गई।

CCTV फुटेज में भूकंप के झटकों बाद इमारतें झूलती नजर आईं।

जापान के आओमोरी प्रान्त के हाचिनोहे में एक ऑफिस के अंदर भूकंप के बाद बिखरा सामान।

भूकंप के बाद एक घर की झूमर हिलती नजर आई।

एक यूट्यूबर लड़की भूकंप के वक्त लाइव स्ट्रीमिंग कर रही थी। उसके कैमरे में भूकंप के बाद का रिएक्शन कैद हो गया।

CCTV फुटेज में भूकंप के बाद एक पार्किंग में खड़ी गाड़ियां हिलती नजर आईं।

भूकंप के झटकों से एक घर में लगा लैम्प झूलता नजर आया।
जापान सबसे ज्यादा भूकंप वाले देशों में शामिल
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह चार बड़े टेक्टोनिक प्लेटों पर बसा है और प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है। हर साल यहां करीब 1500 भूकंप आते हैं, जिनमें से ज्यादातर हल्के होते हैं।
जापान में 2024 में भूंकप से 600 लोग मारे गए
जापान के नोटो द्वीप में 2024 में आए भूकंप में करीब 600 लोग मारे गए थे। 2011 में 9.0 तीव्रता के भूकंप और सुनामी ने 18 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी।
जापान सरकार ने अगले 30 साल में यहां 75-82 प्रतिशत तक भूकंप के तीव्र होने की चेतावनी दी है। अगर ऐसा हुआ तो 2.98 लाख लोग मारे जा सकते हैं और 2 ट्रिलियन डॉलर (167 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान हो सकता है।

(Bureau Chief, Korba)




