Breaking News: ईरान पर दोबारा हमले की तैयारी में अमेरिका, अगले हफ्ते बड़ी सैन्य कार्रवाई की योजना, 50 हजार सैनिक और युद्धपोत तैनात, ट्रम्प के फैसले का इंतजार

              तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका अगले हफ्ते ईरान पर दोबारा सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन ने हमले के कई विकल्प तैयार किए हैं और अब अंतिम फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लेना है।

              अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई बढ़ाने की योजना तैयार है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमले के विकल्पों में ईरान के सैन्य और इंफ्रास्ट्रक्चर ठिकानों पर बड़े हवाई हमले शामिल हैं।

              एक विकल्प अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज को जमीन पर उतारकर इस्फहान परमाणु साइट में दबे परमाणु सामग्री यानी एनरिच्ड यूरेनियम तक पहुंचने का भी है। हालांकि अधिकारियों ने माना कि ऐसा ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा होगा और इसमें भारी सैन्य नुकसान हो सकता है।

              रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में 50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात रखे हैं। इसके अलावा दो एयरक्राफ्ट कैरियर, एक दर्जन से ज्यादा नेवी डेस्ट्रॉयर और बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान भी क्षेत्र में मौजूद हैं। करीब 5 हजार मरीन और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के 2 हजार पैराट्रूपर्स भी आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

              पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

              1. ट्रम्प-जिनपिंग में ईरान जंग पर दो बातों पर सहमति: दोनों नेताओं ने माना कि मौजूदा युद्ध खत्म होना चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहना चाहिए। हालांकि चीन ने युद्ध खत्म कराने में बड़ी भूमिका के संकेत नहीं दिए।

              2. BRICS देशों में ईरान मुद्दे पर एक राय नहीं बनी: नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान युद्ध को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद दिखे। साझा बयान में कहा गया कि इस मुद्दे पर सभी देशों की सोच अलग-अलग है।

              3. अमेरिका का दावा- चीन अब ज्यादा अमेरिकी तेल खरीदेगा: अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि युद्ध के बीच चीन अमेरिका से तेल खरीद बढ़ा सकता है। उन्होंने होर्मुज में जहाजों की सामान्य आवाजाही को जरूरी बताया।

              4. चीन ने अमेरिका-ईरान से बातचीत जारी रखने की अपील की: चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि होर्मुज संकट का समाधान सिर्फ स्थायी युद्धविराम और बातचीत से निकल सकता है। उन्होंने कहा कि ताकत नहीं, कूटनीति ही सही रास्ता है।

              5. जर्मनी ने ईरान से तुरंत बातचीत शुरू करने को कहा: जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने कहा कि ईरान को तुरंत बातचीत की टेबल पर आना चाहिए और उसे परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट खोलने की भी मांग की।


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