कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और TMC नेता सुजीत बोस को कोर्ट ने मंगलवार को 10 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टडी में भेजा है। ED ने बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले में सोमवार को गिरफ्तार किया था।
सुजीत अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे ED ऑफिस पहुंचे थे। उनसे करीब 10 घंटे पूछताछ की गई, फिर रात को गिरफ्तार कर लिया गया था।
सुजीत बोस पर 2014-2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में करीब 150 लोगों की अवैध भर्ती कराने का आरोप है। कहा जाता है कि सुजीत ने इसके बदले पैसे और फ्लैट लिए थे। सुजीत उस वक्त दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे।
बिधाननगर से तीन बार के विधायक रहे सुजीत बोस हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक वोटों के अंतर से हार गए थे।
11 दिन में दो बार पूछताछ, फिर गिरफ्तारी
सुजीत बोस को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ED के कई नोटिस मिले। जिनमें से एक 6 अप्रैल को मिला था। इसी दिन नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे।
उन्होंने पहले कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और चुनाव प्रचार में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए ED के सामने पेश होने से छूट मांगी थी। चुनावों के बाद बोस 1 मई को CGO कॉम्प्लेक्स में ED अधिकारियों के सामने पेश हुए। 11 दिन बाद दोबारा पेशी में सुजीत को अरेस्ट कर लिया गया।
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों पर CBI की तरफ से FIR दर्ज किए जाने के बाद ED ने 2 जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में सुजीत बोस के ठिकानों पर छापेमारी की।

(Bureau Chief, Korba)



