Tuesday, June 18, 2024
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CG: एकलव्य विद्यालय के हॉस्टल में 74 बच्चे एक साथ बीमार… सभी को बुखार, दस्त और सर्दी-खांसी की शिकायत; अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग

बलरामपुर: जिले के राजपुर में संचालित एकलव्य आदर्श विद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले 74 बच्चे एक साथ बीमार पड़ गए हैं। शनिवार को कुछ बच्चों की तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। BMO ने कहा कि बच्चों के इलाज के लिए डॉक्टर और स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है।

बालक और बालिका छात्रावास में एक साथ 74 बच्चों के बीमार पड़ने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। बच्चों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा BMO​​​​​​​ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम आवासीय विद्यालय पहुंची और बीमार छात्र-छात्राओं का इलाज किया। सभी बच्चे वायरल और दस्त से पीड़ित पाए गए हैं।

बच्चों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

बच्चों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

3-4 दिनों से बच्चों की तबियत खराब

राजपुर एकलव्य आदर्श विद्यालय में छात्र और छात्राओं के अलग-अलग हॉस्टल एक ही परिसर में हैं। बच्चों की तबियत पिछले 3-4 दिनों से खराब है। अचानक एक के बाद एक बच्चे सर्दी-खांसी, बुखार और दस्त से पीड़ित हो गए। शनिवार को कुछ बच्चों की तबियत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल लाया गया। सूचना मिलने पर बीईओ आदित्य पाटनवार, मंडल संयोजक रमेश आगरे और एसडीएम भी राजपुर अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हालचाल जाना।

शनिवार को कुछ बच्चों की तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

शनिवार को कुछ बच्चों की तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

गर्ल्स हॉस्टल की 50 और ब्वाइज हॉस्टल के 24 बच्चे बीमार

बीमार बच्चों में बालिका छात्रावास की 50 और बालक छात्रावास के 24 बच्चे शामिल हैं। बीएमओ डॉ राम प्रसाद तिर्की ने तत्काल चिकित्सक और स्टाफ को छात्रावास भेजा। अस्पताल लाए गए बच्चों का ब्लड सैंपल लिया गया और उन्हें इलाज के बाद वापस छात्रावास भेज दिया गया। अन्य बीमार बच्चों का इलाज छात्रावास में ही किया गया।

मौसमी बीमारियों से पीड़ित हैं बच्चे

BEO आदित्य पाटनवार ने कहा कि बच्चों को मौसमी बीमारी है। सभी बच्चे साथ रहते हैं और साथ ही मेस में खाना खाते हैं। ऐसे में एक-दूसरे के संपर्क में आकर बच्चे बीमार हुए हैं। जो बच्चे ठीक हैं, उन्हें बीमार बच्चों से अलग किया गया है।

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