दुर्ग: जिले के पाटन ब्लॉक के तुलसी गांव में 6 मवेशियों की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। बीते 3 अगस्त को यहां तेज आंधी-तूफान में पेड़ गिरने से बिजली की तार भी टूटकर खेत में गिर गई थी। बिजली विभाग ने लाइन को डिस्कनेक्ट नहीं किया था। बिजली की तारें खेत में गिरी हुई थीं। सोमवार सुबह यहां रहने वाला यादव परिवार अपने मवेशियों को चराने के लिए गया था।
घास चरते-चरते उसके मवेशी उस खेत की तरफ चले गए जहां पर बिजली की तार टूटकर गिरी थी। अचानक 6 मवेशी तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पशुओं को मरा देख चारागाह ने गांववालों को बुलाया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और विद्युत सप्लाई को बंद किया। उसके बाद मरे हुए मवेशियों को वहां से हटाया गया।

किसानों ने बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर थाने में दर्ज कराई शिकायत
बिजली विभाग की उजागर हुई लापरवाही
तुलसी गांव के निवासी जगमोहन यादव (20) ने बताया कि उनके पास 25 मवेशी हैं। उनके चार मवेशी और दीनु यदु (25) के दो मवेशी करंट की चपेट में आने से मर गए। उनका कहना है कि इसके लिए बिजली विभाग के कर्मचारी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। 4 अगस्त को जब पेड़ गिरे थे तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना बिजली विभाग के कर्मचारियों को दी थी।
उन्होंने कहा कि तार बाद में जुड़ेगी, फिलहाल उन्होंने ट्रांसफॉर्मर से करंट सप्लाई कट कर दी है। इसके बाद भी उन तारों में करंट दौड़ रहा था। इन मवेशियों की मौत के लिए बिजली विभाग के कर्मचारी जिम्मेदार हैं। उनकी इस लापरवाही से किसी इंसान की भी जान जा सकती थी।





