Tuesday, February 17, 2026

              CG: क्रिप्टो करेंसी के नाम पर 60 लाख की ठगी.. गूगल और यू-ट्यूब से सीखा ठगी का तरीका, पैसे इंन्वेस्ट कराने का झांसा देने वाला गिरफ्तार

              Bilaspur: बिलासपुर में क्रिप्टो करेंसी में पैसे इन्वेस्ट करने का झांसा देकर 60 लाख रुपए की धोखाधडी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक ने लोगों को फंसाने के लिए पहले गूगल और यू-ट्यूब से क्रिप्टो करेंसी चलाने का तरीका सीखा। फिर लोगों को अपना शिकार बनाया। झांसा देने के लिए उसने शुरूआत में कुछ लोगों को पैसे भी कमवाए। इसके बाद 60 लाख रुपए लेकर चंपत हो गया था। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।

              सिविल लाइन टीआई परिवेश तिवारी ने बताया कि मंगला चौक के रहने वाले रघुनंदन केनार (32) प्रापर्टी डीलर हैं। काम के सिलसिले में उसकी मुलाकात नरेंद्र सोनवानी निवासी वैष्णवी विहार से हुई थी। इस दौरान उसने खुद को क्रिप्टो करेंसी का एजेंट बताया था। पहचान होने के बाद नरेंद्र ने प्रापर्टी डीलर को क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर ज्यादा फायदा होने की बात कही। उसने प्रापर्टी डीलर को झांसा देकर 12 दिसंबर 2022 को दो लाख रुपए नकद लिए, साथ ही 97 हजार रुपए अपनी बहन लक्ष्मी कुर्रे के खाते में ट्रांसफर करवाया। इस तरह उसने करीब पांच लाख रुपए प्रापर्टी डीलर से ले लिए. इसके अलावा उसके नाम पर एक लाख लोन भी लिया। उसने इसके एवज में लाभांश देने की बात कही थी। इस तरह से नरेंद्र सोनवानी कई लोगों से 60 लाख रुपए वसूल लिया और गायब हो गया।

              आरोपी युवक से पुलिस ने कार बरामद किया है।

              आरोपी युवक से पुलिस ने कार बरामद किया है।

              शुरूआत में कमवाए पैसे, फिर मोटी रकम लेकर हो गया गायब
              पुलिस ने बताया कि आरोपी नरेंद्र ने प्रापर्टी डीलर के साथ ही विक्रम खाण्डेकर, रुपेश कुमार, प्रभात शंकर, उपेन्द्र लहरे, विजय सोनी, नवीन कश्यप, अजय खाण्डेकर, कपिल यादव, श्रीकांत नागदे, देवेन्द्र लहरे, अजम खाण्डेकर और महेश महतो सहित अन्य लोगों से भी पैसे लिए। शुरूआत में लोगों को फंसाने के लिए उसने पैसे भी कमवाए। उससे पैसे मिलने की लालच में आकर लोग ज्यादा पैसे लगाने लगे। इसके बाद एजेंट नरेंद्र ने सभी से करीब 60 लाख रुपए वसूल लिया और गायब हो गया।

              अपना पैसा डूबा तो दूसरों से की ठगी
              पुलिस की पूछताछ में आरोपी नरेंद्र ने बताया कि वह पहले खुद क्रिप्टो करेंसी में पैसे लगाता था, जिसमें उसे कुछ फायदा हुआ। पैसे डूबने के बाद उसने गूगल और यू-ट्यूब से खुद क्रिप्टो करेंसी का काम सीखा और फिर लोगों को अपना ग्राहक बना लिया। उन्हें झांसे में लेने के लिए शुरूआत में ग्राहकों को पैसे देता रहा। ताकि, लोग उस पर भरोसा करके ज्यादा पैसे लगाए।

              नागपुर से पकड़ाया आरोपी, कार बरामद
              टीआई परिवेश तिवारी ने बताया कि आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने उसकी जानकारी जुटाई। तब पता चला कि नरेंद्र सोनवानी (42) पिता बिसून महासमुंद जिले के चोरभट्टी का रहने वाला है। वह महाराष्ट्र के नागपुर में रहने लगा था। पुलिस को जैसे ही उसकी जानकारी मिली, नागपुर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया ठगी के पैसे से उसने कार, लैपटॉप, फ्रिज, वाशिंग मशीन, व अन्य सामान खरीद लिया था, जिसकी जब्ती बनाई जाएगी।


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