CG News : फर्जी NOC से तैयार हुआ उसना राइस मिल, आर आई और पटवारी पर आरोप, विधानसभा में विधायक संगीता सिन्हा ने उठाया मुद्दा; बसाहट से दूरी केवल 19 मीटर

              बालोद: जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम पलारी में अवैध रूप से उसना राइस मिल बनकर तैयार हो चुका है। स्थानीय आर आई और पटवारी पर फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र (fake no objection certificate) पेश करने का आरोप लगा है। बुधवार को विधानसभा में विधायक संगीता सिन्हा ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

              संजारी बालोद सीट से विधायक संगीता सिन्हा इस मामले में ध्यानाकर्षण लेकर आईं। विधायक ने बताया कि यह उसना राइस मिल बसाहट से मात्र 19 मीटर की दूरी और मिडिल स्कूल से केवल 78 मीटर की दूरी पर है। ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया है।

              इस मामले में जिसके नाम पर रजिस्ट्री नहीं है, उसे फर्जी ढंग से एनओसी दे दिया गया है। जिस खसरा नंबर 181/5 में इसे बनाया गया है, उसका एनओसी दिया ही नहीं गया, बल्कि किसी दूसरे खसरा नंबर का दिया गया है। जिस तारीख को एनओसी दी गई, उस दिन रजिस्ट्री ही नहीं हुई है।

              नियमों को ताक पर रख दिया फर्जी एनओसी

              विधायक संगीता सिन्हा ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री को बताया कि सारे नियमों को ताक पर रखकर पटवारी और राजस्व निरीक्षक ने फर्जी प्रतिवेदन दिया है। पंचायत के नाम से भी फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया गया है। यहां तक कि मामले में राजस्व निरीक्षक पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।

              विधायक ने कहा कि हर लेवल पर अधिकारियों ने अपना काम नहीं किया। इस मामले में बच्चों ने रैली भी निकाली, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की और अब राइस मिल बनकर तैयार भी हो चुका है।

              कलेक्टर से हुई है शिकायत

              ग्रामीणों ने उसना राइस मिल के दुष्प्रभाव और प्रदूषण को देखते हुए कलेक्टर और एसडीएम से शिकायत की है। हालांकि अब तक शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

              एनओसी देकर घूमने निकले पंच-सरपंच

              संगीता सिन्हा ने सदन को बताया कि विधानसभा क्षेत्र का यह सबसे बड़ा गांव है। यहां पर जब अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया गया, तो बताया गया कि बसाहट से इसकी दूरी 900 मीटर है, लेकिन जब जांच की गई, तो पता चला कि उसना राइस मिल बसाहट से मात्र 19 मीटर की दूरी पर बनाया गया है।

              यहां पर सड़क से दूरी डेढ़ किलोमीटर बताई गई है, जो जांच में सिर्फ 50 मीटर निकली। जब ग्रामीणों ने पूरे मामले का विरोध किया, तो पंच-सरपंच गांव छोड़कर बाहर घूमने निकल गए।


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